सीने में आग, मुँह में शक्कर, सिर में बर्फ़ और पैर में चक्कर रखने वाला ही सच्चा युवा: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर 29 अक्टूबररायपुर के दिशा कॉलेज में गुरुवार को ‘माई भारत’ के तत्वावधान में आयोजित ‘विकसित भारत युवा संवाद’ (नो योर वोट) कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए लोकतंत्र के महत्व, मतदान के सही मापदंड और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम के दौरान छात्रा करीना डेका द्वारा पहली बार वोट डालते समय निर्णय लेने के आधार को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने युवाओं को स्पष्ट दृष्टिकोण दिया। उन्होंने कहा कि युवा केवल 15 से 30 वर्ष की उम्र का दायरा नहीं है। युवा वह है—”जिसके सीने में आग हो, जिसके मुँह में शक्कर हो, जिसके सिर में बर्फ़ हो और जिसके पैर में चक्कर हो।” यदि 80 वर्ष के व्यक्ति में भी ये चारों गुण मौजूद हैं, तो वह भी वास्तव में युवा है। यदि हम खुद को युवा मानते हैं, तो ये चारों गुण हमारे आचरण और सोच में दिखने चाहिए।वैश्विक तुलना और स्थानीय परिस्थितियों पर बात रखते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि आज का युवा सोशल मीडिया के ज़रिये पूरी दुनिया से जुड़ा है। अक्सर हम सोचने लगते हैं कि जो अमेरिका, जापान या जर्मनी में होता है, वह हमारे यहाँ क्यों नहीं हो सकता? लेकिन ऐसा सोचते समय हम अपने देश की विशाल आबादी और भौगोलिक विविधताओं को भूल जाते हैं। हमें समझना होगा कि हिमाचल के पहाड़ों में रहने वाले लोगों की ज़रूरतें अलग हैं और पोर्ट ब्लेयर में रहने वालों की अलग। स्वयं हमारे छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य में ही सरगुजा, बस्तर और मैदानी इलाकों की ज़मीनी परिस्थितियाँ व वातावरण पूरी तरह भिन्न हैं।श्री अग्रवाल ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि जब आप पहली बार मतदान करने जाएँ, तो यह सोचें कि विकास को प्राथमिकता कौन दे सकता है। शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं का स्थायी समाधान किसकी नीति में है?उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश का वोटिंग पैटर्न और जनता की सोच पूरी तरह बदली है। पहले चुनाव केवल राजनीतिक समीकरणों पर लड़े जाते थे, लेकिन आज विमर्श विकास पर केंद्रित हो चुका है—सड़क, पानी, बिजली, रोज़गार, किसानों की उपज का सही मूल्य और विश्व स्तर पर भारत की आर्थिक नीतियों को सर्वश्रेष्ठ बनाने पर जनता वोट करती है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत मुद्दों और तात्कालिक बातों से ऊपर उठकर राष्ट्र के समग्र विकास और बेहतर नीतियों को ध्यान में रखकर अपने मताधिकार का उपयोग करें।कार्यक्रम में दिशा कॉलेज के प्राचार्य ए. के. तिवारी, श्री रमन पटेल, सुयश पांडे, श्रअर्पित तिवारी सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Author: Sudha Bag

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