छूरिया नगर पंचायत पुर्व में क्रॉस वोटिंग कर भाजपा का उपाध्यक्ष बनवाने वालों पर कांग्रेस मेहरबान क्यों? कार्रवाई नहीं होने से उठे बड़े सवाल


(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छुरिया/ जानकारी अनुसार नगर पंचायत छुरिया में उपाध्यक्ष चुनाव के बाद कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और संगठन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। चुनाव से पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के नाम पर कई नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित करने वाली कांग्रेस अब उपाध्यक्ष चुनाव में कथित तौर पर क्रॉस वोटिंग करने वालों पर चुप्पी साधे बैठी है। इससे कांग्रेस संगठन की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारों की मानें तो उपाध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को हराकर भाजपा समर्थित उम्मीदवार को जीत दिलाने में कांग्रेस के ही कुछ पार्षदों की भूमिका रही। चर्चा है कि पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर वोट देने वालों के कारण भाजपा का उपाध्यक्ष बन गया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक उन पर न कोई नोटिस, न जवाब-तलब और न ही किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या कांग्रेस में कार्रवाई केवल कमजोर कार्यकर्ताओं के लिए होती है? नगर पंचायत चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने वालों पर तत्काल निष्कासन की कार्रवाई कर सख्ती दिखाने वाला संगठन अब आखिर क्यों मौन है? क्या उपाध्यक्ष चुनाव में पार्टी प्रत्याशी को हराने वालों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?
स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी इसको लेकर नाराजगी देखी जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि पार्टी के खिलाफ जाने वालों पर कार्रवाई का नियम है, तो फिर क्रॉस वोटिंग कर भाजपा को फायदा पहुंचाने वालों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आखिर संगठन किस दबाव में चुप है?
अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या कांग्रेस संगठन जानबूझकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है, या फिर पार्टी के भीतर दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है? आने वाले दिनों में यदि कार्रवाई नहीं हुई तो यह मुद्दा कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक सवाल बन सकता है वहीं छूरिया नगर पंचायत चुनाव?वालीं घटना को घूमका नगर पंचायत में भी क्या दोहराया जा रहा है कहीं भाजपा कों सीधा लाभ पहुंचाने का कोई सोचा समझा खेल तो नहीं मतदान से पहले लोगों को साधा जाना चाहिए या पार्टी से निकला जाना चाहिए छोटे-छोटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर ही अनुशासन का डंडा आख़िर कब होगी ख़त्म कर्मठ जुझारू जमीनी कार्यकर्ताओं को निपटाने का खेल?

Author: Sudha Bag

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *