(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छुरिया/राजनांदगांव। कांग्रेस नेता चुम्मन साहू ने पेट्रोल-डीजल को बोतल, जरीकेन और ड्रम में देने पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए इसे “किसान विरोधी, जनविरोधी और तुगलकी फैसला” करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार सुशासन का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि किसान को अब खेत के लिए डीजल लेने में भी सरकारी अनुमति का मोहताज बनाया जा रहा है।
चुम्मन साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांवों में किसान वर्षों से खेतों में मोटर पंप, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और कृषि उपकरणों के संचालन के लिए जरीकेन में डीजल लेकर जाते रहे हैं। कई गांव ऐसे हैं जहां वाहन सीधे पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में सरकार का यह आदेश किसानों की परेशानी बढ़ाने वाला और पूरी तरह जमीनी सच्चाई से कटे हुए लोगों का फैसला प्रतीत होता है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “भाजपा सरकार किसानों को सम्मान देने की बात करती है, लेकिन सच्चाई यह है कि अब किसान को डीजल के लिए भी एसडीएम कार्यालय का चक्कर लगाने मजबूर किया जा रहा है। क्या यही विष्णुदेव साय सरकार का सुशासन मॉडल है? किसान खेती करे या अनुमति लेने सरकारी दफ्तरों की धूल फांके?”
चुम्मन साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनहित के मुद्दों पर विफलता छिपाने के लिए आदेश और प्रतिबंधों की राजनीति कर रही है। महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और ग्रामीण अव्यवस्थाओं पर चुप बैठी सरकार अब आम लोगों के दैनिक जीवन में भी अनावश्यक दखल देकर उन्हें परेशान कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने किसानों, ग्रामीणों, छोटे व्यापारियों और जरूरतमंद लोगों के लिए सरल, स्पष्ट और व्यावहारिक व्यवस्था नहीं बनाई, तो कांग्रेस पार्टी गांव-गांव जाकर इसका विरोध करेगी और सड़क से सदन तक आंदोलन छेड़ेगी।
चुम्मन साहू ने कहा“भाजपा सरकार किसान हितैषी होने का सिर्फ दिखावा कर रही है। सच्चाई यह है कि किसानों को सुविधा नहीं, फाइल और अनुमति के जाल में फंसाया जा रहा है। कांग्रेस किसानों के सम्मान और हक की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी।”
