जसीम कुरैशी की रिपोर्ट
छूरिया राजनांदगांव। जिले में सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने और आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के मार्गदर्शन में“सुशासन त्योहार 2026” का शुभारंभ 01 मई से किया गया है। स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय चौपाल के माध्यम से आचान गांवों में पहुंचेगे। साथ ही मंत्रीगण,विधायक, सांसद व क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी समाधान शिविर में उपस्थित होकर जनता की समस्याओं का निराकरण करेंगे। सुशासन त्यौहार के माध्यम से कल इस महाअभियान की शुरुआत जनपद पंचायत छुरिया क्षेत्र के ग्राम भंडारपुर में आयोजित “जन समस्या निवारण समाधान शिविर” से होगी, जहां प्रशासनिक अमला मौके पर उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करेगा।
राजनांदगांव जिला प्रशासन द्वारा 01 मई से 10 जून 2026 तक जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ग्पूरामीण क्षेत्रो में राजनांदगांव जिले में 27 अलग-अलग स्थानों पर ये शिविर आयोजित होंगे, जिनमें विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहकर आमजन की शिकायतों का मौके पर निराकरण करेंगे।
इन शिविरों में विशेष रूप से भूमि संबंधी प्रकरण जैसे नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन, मनरेगा के लंबित मजदूरी भुगतान, हितग्राही मूलक योजनाओं के लंबित प्रकरण, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली एवं ट्रांसफार्मर से जुड़ी समस्याएं, हैंडपंप सुधार तथा उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर विशेष फोकस रहेगा।
छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ प्रशासन गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जिला पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन समाधान शिविरों में पहुंचकर शासन की योजनाओं का लाभ लें और अपनी समस्याओं का त्वरित निराकरण कराएं। उन्होंने कहा कि यह सुशासन त्योहार सरकार की जनहितकारी नीतियों का सशक्त उदाहरण है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित सेवा पर विशेष जोर दिया गया है।
सुशासन त्योहार 2026 के माध्यम से प्रशासन का लक्ष्य केवल समस्याओं का समाधान करना ही नहीं, बल्कि जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करना भी है। इस दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें शासन की योजनाओं का पूरा लाभ समय पर मिल सके।
