खुज्जी में कांग्रेस का सांगठनिक तमाशा? जिला और ब्लॉक कमेटियों में बिना फीडबैक ‘रेवड़ी’ की तरह बांटेजा रहे पद, जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कब तक?



छूरिया राजनीतिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की हाई-प्रोफाइल खुज्जी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के भीतर सांगठनिक नियुक्तियों को लेकर उठा विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्या जिला कांग्रेस कमेटी और स्थानीय ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों में पदाधिकारियों की नियुक्तियां केवल बंद कमरों के रसूख और पैरवी के आधार पर की जा रही हैं? स्थानीय कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बिना किसी जमीनी फीडबैक के जिला और ब्लॉक स्तर पर रेवड़ी की तरह चहेते को पदों से नवाजा जा रहा है, जिससे सालों से पार्टी के लिए पसीना बहाने वाले निष्ठावान कार्यकर्ता खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
जिला और ब्लॉक संगठन में अपनों को उपकृत करने का खेल?
कार्यकर्ताओं के भीतर सुलग रहा गुस्सा अब जिला कांग्रेस नेतृत्व और ब्लॉक अध्यक्षों की कार्यप्रणाली पर भी सीधे सवाल खड़े कर रहा है। क्या जिला स्तर के बड़े नेता और ब्लॉक कमेटियों के कर्णधार जमीनी हकीकत से पूरी तरह आंखें मूंद चुके हैं? खुज्जी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले विभिन्न ब्लॉकों के कार्यकर्ताओं का कहना है कि जो लोग कभी बूथ स्तर पर पार्टी का झंडा उठाने नहीं निकले, उन्हें सीधे जिला और ब्लॉक कमेटियों में महत्वपूर्ण पदों पर बैठा दिया गया है। 👉कार्यकर्ताओं ने तीखा सवाल उठाया है कि क्या चाटुकारिता ही अब संगठन में पद पाने की एकमात्र योग्यता रह गई है?
एसी कमरों के नेताओं से त्रस्त कार्यकर्ता: धरातल पर आने से क्यों डरता है नेतृत्व?
खुज्जी के स्थानीय कार्यकर्ताओं का सीधा निशाना जिला और ब्लॉक संगठन के उन प्रभावशाली नेताओं पर है जो केवल ड्राइंग रूम पॉलिटिक्स में माहिर हैं। कार्यकर्ताओं का दर्द है कि जो नेता कभी धूप और धूल में जनता के बीच खड़े नहीं होते, वे आज संगठन की तकदीर तय कर रहे हैं। आखिर ये बड़े नेता गांवों और बूथों का दौरा कर जमीनी हकीकत से रूबरू क्यों नहीं होते? क्या कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करके कांग्रेस आगामी चुनावों में अपनी नैया पार लगा पाएगी?
चेतावनी: थोपी गई नियुक्तियां नहीं बदलीं तो बगावत तय!
खुज्जी विधानसभा के वफादार सिपाहियों ने जिला कांग्रेस आलाकमान को साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि जिला और ब्लॉक स्तर पर थोपे गए इन पदाधिकारियों की नियुक्तियों की समीक्षा नहीं की गई, तो संगठन के भीतर सामूहिक इस्तीफों और खुली बगावत का दौर शुरू हो जाएगा। धरातल पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं के मनोबल को तोड़कर चलाई जा रही यह ‘रेवड़ी पॉलिटिक्स’ आने वाले समय में खुज्जी विधानसभा में कांग्रेस के अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है।

संगठन स्तर मुख्य आपत्तियां एवं अनुत्तरित प्रश्न
जिला कांग्रेस कमेटी क्या जिला स्तर पर पदों का आवंटन केवल रसूख और पैरवी के आधार पर हो रहा है? स्थानीय समीकरणों को पूरी तरह दरकिनार करने का आरोप।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बूथ स्तर पर काम करने वाले सक्रिय कार्यकर्ताओं की जगह निष्क्रिय और ‘पैराशूट’ चेहरों को ब्लॉक पदाधिकारी बनाने पर भारी आक्रोश।
स्थानीय नेतृत्व पर सवाल जिला और ब्लॉक के शीर्ष नेता बंद कमरों से बाहर निकलकर खुज्जी विधानसभा की जमीनी सच्चाई का सामना करने से क्यों कतरा रहे हैं?
आगामी परिणाम यदि बिना फीडबैक वाली नियुक्तियां निरस्त नहीं हुईं, तो ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक बड़े पैमाने पर बगावत और चुनावी नुकसान तय।
?क्या नगरी निकाय में नेता प्रतिपक्ष जैसा कोई पद है संवैधानिक नहीं तो ईनाम बांटकर कांग्रेस को क्या फायदा हो रहा या नुकसान ये सोचने वाली बात है क्या जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिर्फ अपने चहेतों पर निर्भर है कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अनदेखी कांग्रेस को फायदा पहुंचायेगा?

Author: Sudha Bag

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