(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छूरिया राजनीतिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार राजनांदगांव जिले की हाईप्रोफाइल खुज्जी विधानसभा सीट पर कांग्रेस के भीतर हालिया स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रमों और अंदरूनी खींचतान के बीच अब यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि दागी और बागी नेताओं पर नेतृत्व आखिर कब कड़ा एक्शन लेगा? क्षेत्र के कर्मठ कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि जब तक अनुशासनहीनता और धूमिल छवि वाले स्थानीय नेताओं पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक विधानसभा स्तर पर संगठन को दोबारा मजबूत करना नामुमकिन है। खुज्जी के कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस कड़े फैसले से ही क्षेत्र में कांग्रेस के भीतर असली निखार आएगा और जमीन पर रात-दिन एक करने वाले कार्यकर्ताओं का खोया हुआ मनोबल वापस लौटेगा।
पार्टी के स्थानीय गलियारों में इस बात को लेकर सुगबुगाहट तेज है कि यदि नेतृत्व अब भी चुप रहा, तो ब्लॉक और बूथ स्तर के वफादार कार्यकर्ताओं में निराशा और बढ़ेगी। खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी अंचलों के जमीनी कार्यकर्ताओं का स्पष्ट मत है, “आखिर कब तक पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त और बगावती सुर अपनाने वाले नेताओं को बर्दाश्त किया जाएगा? सख्त एक्शन ही वह एकमात्र रास्ता है जिससे खुज्जी कांग्रेस में योग्य और ईमानदार चेहरों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा?
