छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, जय जोहर, सरकार से हमारा सवाल है “जब छत्तीसगढ़िया इतना बढ़िया है तो सरकार का काम, नीति और नीयत इतना औसत क्यों है ?”

रायपुर/27 सितंबर 2026। नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत जी का स्वागत करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट से लेकर प्रदेश कार्यालय तक ऐतिहासिक स्वागत किया। सुखदेव जी के प्रभारी बनने से कांग्रेस को एक नई ऊर्जा, नई ताकत मिलेगी। इनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी नए और मजबूती के रूप में सरकार के खिलाफ काम करेगी। सुखदेव जी हमारे पड़ोसी राज्य झारखंड के है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं वर्तमान में सांसद है, निश्चित रूप से उनका अनुभव, तजुर्बा हमारे काम आएगा। इनके नेतृत्व में, मार्गदर्शन में मजबूती के साथ, ताकत के साथ हम इस सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे और छत्तीसगढ़ में आने वाला समय जनता के हक और अधिकार की लड़ाई लड़कर हम छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनाएंगे।

छत्तीसगढ़ प्रभारी एवं सासंद सुखदेव भगत ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हसदेव और खनन पर जनता की अनदेखी: हसदेव अरण्य समेत कई इलाकों में जंगल काटकर खदानें दी जा रही हैं। ग्राम सभा की सहमति को नज़रअंदाज़ किया गया, और आदिवासी विरोध करें तो उन पर बल प्रयोग होता है। सवालः किसके फायदे के लिए छत्तीसगढ़ का जंगल बेचा जा रहा है?
खनिज राजस्व का लाभ स्थानीय लोगों तक नहीं: डीएमएफ (जिला खनिज निधि) का पैसा प्रभावित, गांवों की जगह दूसरे कामों में लगाया जा रहा है। खनन वाले जिलों में आज भी पानी, सड़क, और अस्पताल की कमी है।
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार का विकास मॉडल आदिवासी के लिए जंगल छीन रहा है, खनिज छीन रहा है और युवा से रोजगार छीन रहा है- फिर सरकार किस विकास की बात कर रही है?“ आदिवासी के जल-जंगल-जमीन पर अधिकार की बात संविधान करता है, लेकिन भाजपा सरकार में कॉरपोरेट हित हावी क्यों हैं? ”खनिज छत्तीसगढ़ का, जंगल छत्तीसगढ़ का, जमीन छत्तीसगढ़ की तो मुनाफे में छत्तीसगढ़ के आदिवासी की हिस्सेदारी कहाँ है?“ छत्तीसगढ़ सिर्फ देश का mineral warehouse नहीं है; यहाँ आदिवासी रहते हैं, उनकी संस्कति और आजीविका रहती है। जंगल कटेंगे तो सिर्फ पेड़ नहीं कटेंगे-आदिवासी की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और भविष्य कटेगा।
हसदेव अरण्य / कोयला:- जिन खदानों का आवंटन 15 साल के लिए हुआ था, उनका भंडार सिर्फ 9 साल में खत्म कर दिया गया – अंधाधुंध दोहन। हसदेव में लगभग 170 प्रकार के औषधीय पौधे और वृक्ष – पर्यावरण को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। ”यह विवेकहीन सरकार है या संवेदनहीन?“
”भाजपा सरकार आंकड़ों से जनता को गुमराह कर रही है, हम आंकड़ों से ही उनका झूठ बेनकाब करेंगे।“ ”कांग्रेस जनता के हक की लड़ाई विधानसभा से लेकर हर जिले तक लड़ेगी“ – यह हमारा संकल्प है।
आदिवासियों के जल-जंगल-ज़मीन पर हमलाः पेसा कानून और वन अधिकार कानून का पालन कमज़ोर है। वन अधिकार पट्टों के लंबित या खारिज आवेदनों का हिसाब मांगें।
बस्तर में “विकास” बनाम ज़मीनी हकीकतः सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और रोज़गार कहां हैं? फर्जी मुठभेड़ और निर्दोष ग्रामीणों के उत्पीड़न के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग।
युवा बेरोज़गारी: सरकारी भर्तियां अटकी हैं, परीक्षाएं टल रही हैं, पेपर लीक का डर बना हुआ है। मांगः खाली पदों की संख्या और भर्ती कैलेंडर सार्वजनिक किया जाए।
वादाखिलाफीः चुनाव में किए गए वादों (नौकरी, भत्ता, किसानों से जुड़े वादे) की सूची रखें और पूछें कि कितने पूरे हुए। “मोदी की गारंटी” का रिपोर्ट कार्ड मांगें।
कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचारः रायपुर सुरक्षित नहीं है, प्रतिदिन 8 से अधिक महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हो रही है। रेत की अवैध वसूली में प्रतिस्पर्धा चल रही है। राजधानी समेत कई जिलों में अपराध बढ़ने की घटनाएं गिनाएं। विभागों में कमीशनखोरी के आरोपों पर जवाब मांगें।

सरकार की समग्र विफलता, आगे की रणनीतिः “डबल इंजन ” के बावजूद राज्य को उसका हक नहीं मिल रहा। अंत में आंदोलन या जनसंपर्क अभियान की घोषणा करें, ताकि पीसी सिर्फ आरोपों पर न रुककर आगे का रास्ता भी दिखाए।
एसआईआर के नाम पर मताधिकार पर चोट: 27 अक्टूबर 2025 से चले एसआईआर के बाद फरवरी 2026 में अंतिम मतदाता सूची जारी हुई, जिसमें 1.87 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। मांग रखें कि विधानसभावार हटाए गए नामों की पूरी सूची सार्वजनिक हो, और बताया जाए कि इनमें आदिवासी, प्रवासी मजदूर और गरीब परिवार कितने हैं।

सरकार निवेश और रोजगार के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन स्थानीय युवा पूछ रहा है- ”मेरी नौकरी कहाँ है?“ नौजवानों को रोजगार चाहिए, सिर्फ रोजगार मेले और विज्ञापन नहीं। PLFS के 2025 Annual Report के अनुसार 15-29 वर्ष के युवाओं में छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर 6.1 प्रतिशत थी। सवाल है – खनिज संपदा से समृद्ध राज्य अपने युवाओं को पर्याप्त अवसर क्यों नहीं दे पा रहा?
हमारा सवाल विकास के खिलाफ नहीं है- हमारा सवाल हैः ऐसा विकास क्यों, जिसमें खनिज बाहर जाए, मुनाफा बाहर जाए और स्थानीय आदिवासी और युवा पीछे रह जाए?

छतीसगढ़ की जनता ने भाजपा को सुशासन के वादे पर वोट दिया था, आज 2 साल बाद यह सरकार वादाखिलाफी, किसान-विरोधी नीतियों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रतीक बन चुकी है।” “आज कांग्रेस पार्टी संकल्प लेती है कि जनता के हर मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएंगे।”

छत्तीसगढ़ की जनता के सामने भाजपा सरकार से 10 सीधे सवाल

ऽ छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, आदिवासी संस्कृति और युवा शक्ति का प्रदेश है। लेकिन आज सबसे बड़ा सवाल है-क्या भाजपा सरकार की नीतियों का लाभ वास्तव में आम छत्तीसगढ़िया, आदिवासी, किसान और युवा तक पहुँच रहा है?
ऽ आदिवासी अधिकारों का है। जल, जंगल और जमीन केवल नारे नहीं, संविधान और कानून स से मिले अधिकार हैं। खनन और औद्योगिक परियोजनाओं में ग्रामसभा, Forest Rights Act और PESA की भावना का कितना पालन हो रहा है?
ऽ खनिज संपदा का है। छत्तीसगढ़ के कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिज देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं, लेकिन mining-affected क्षेत्रों के लोगों को रोजगार, पुनर्वास और विकास का वास्तविक लाभ कितना मिला ?
ऽ जंगल और पर्यावरण का है। विकास जरूरी है, लेकिन विकास की कीमत जंगल और आदिवासी जीवन क्यों चुकाए ?
ऽ सरकार युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार देने का स्पष्ट रोडमैप बताए ।
ऽ MGNREGA पर सीएजी की 2026 Performance Audit Report सामने आ चुकी है। सरकार इन audit findings पर action taken report सार्वजनिक करे ।
ऽ एसआईआर और मतदाता सूची। हमारा स्पष्ट मत है – हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहना चाहिए और किसी हमदनपदम अवजमत का नाम प्रक्रिया की खामी से नहीं हटना चाहिए।
ऽ किसान, महंगाई और बिजली जैसे रोजमर्रा के मुद्दों पर सरकार जवाब दे ।
ऽ कांग्रेस संगठन को बूथ तक मजबूत करना, युवा और महिला शक्ति को सक्रिय करना तथा वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर coordination हमारी प्राथमिकता होगी।
भाजपा सरकार से जवाबदेही और कांग्रेस संगठन में मजबूती; यही 2028 की हमारी तैयारी होगी।

पत्रकार वार्ता में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस.सिंहदेव, प्रदेश सह प्रभारीगण जरिता लैतफलांग, विजय जांगिड, वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू, सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री मो. अकबर, पूर्व मंत्री मोहन मरकाम, पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, सांसद फूलोदेवी नेताम, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, विधायक संगीता सिन्हा, पूर्व एआईसीसी सचिव विकास उपाध्याय, सेवादल अध्यक्ष अरूण ताम्रकार, शकुन डहरिया, शहर जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, मुख्य प्रवक्ता आर.पी. सिंह, धनंजय सिंह ठाकुर, घनश्याम राजू तिवारी,सुरेन्द्र वर्मा, वंदना राजपूत, प्रवक्ता अजय साहू, अजय गंगवानी, सत्यप्रकाश सिंह, सौरभ साह

Author: Sudha Bag

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