महाप्रभु जगन्नाथ की धरती पर आत्मीय मिलन, हरिचंदन से मिले राज्यपाल डेका व विधायक मिश्रा

भुवनेश्वर/ रायपुर – छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका और रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा ने भुवनेश्वर स्थित पूर्व राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन के निवास पहुंचकर उनसे आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान श्री हरिचंदन का कुशलक्षेम जाना और उनके दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना की गई। मुलाकात के दौरान पूर्व राज्यपाल से विभिन्न विषयों पर चर्चा के साथ उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।

श्री पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि श्री विश्वभूषण हरिचंदन का छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में कार्यकाल प्रदेश के लिए विशेष महत्व रखता है। संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन के साथ उन्होंने अपने अनुभव, सहज व्यवहार और जनसेवा की भावना से प्रदेश की सार्वजनिक जीवन परंपरा को समृद्ध किया। उनके अनुभव और मार्गदर्शन को आज भी प्रेरणादायी माना जाता है।

मुलाकात के दौरान ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और छत्तीसगढ़-ओडिशा के बीच सदियों पुराने सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को लेकर भी आत्मीय संवाद हुआ। विधायक श्री मिश्रा ने आगामी नुआखाई पर्व के अवसर पर श्री विश्वभूषण हरिचंदन को सादर आमंत्रित किया।

उन्होंने कहा कि नुआखाई केवल नई फसल के स्वागत का पर्व नहीं, बल्कि अन्नदाता के सम्मान, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और परिवार एवं समाज को जोड़ने वाली ओडिशा की विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच भाषा, संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक आस्था के स्तर पर गहरे संबंध हैं। ऐसे पर्व दोनों राज्यों के लोगों को और करीब लाने का कार्य करते हैं।

महाप्रभु जगन्नाथ से स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना

श्री पुरन्दर मिश्रा ने श्री विश्वभूषण हरिचंदन के उत्तम स्वास्थ्य एवं सुदीर्घ जीवन के लिए महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ एवं अनुभवी व्यक्तित्वों का सान्निध्य नई पीढ़ी को दिशा देने के साथ सार्वजनिक जीवन में संस्कार और सेवा की भावना को मजबूत करता है।

इस आत्मीय भेंट के दौरान छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सांस्कृतिक आत्मीयता की झलक भी देखने को मिली। संवैधानिक पद पर रहे दो वरिष्ठ व्यक्तित्वों के अनुभव और जनप्रतिनिधित्व से जुड़े श्री पुरन्दर मिश्रा की सक्रियता के बीच हुई यह मुलाकात दोनों राज्यों के बीच मजबूत होते आत्मीय संबंधों का संदेश देती नजर आई।

नुआखाई के बहाने सांस्कृतिक रिश्तों को नई आत्मीयता

नुआखाई के आमंत्रण को केवल औपचारिक निमंत्रण न मानते हुए इसे छत्तीसगढ़ और ओडिशा की साझा सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है। महाप्रभु जगन्नाथ की भक्ति और ओडिशा की लोकपरंपराओं से छत्तीसगढ़ का भी गहरा जुड़ाव रहा है। ऐसे में विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा द्वारा पूर्व राज्यपाल श्री हरिचंदन को नुआखाई पर्व के लिए आमंत्रित करना दोनों प्रदेशों की सांस्कृतिक निकटता को रेखांकित करता है।

Author: Sudha Bag

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *