छत्तीसगढ़ शासन के पाठ्यक्रम में वीर साहिबजादों की गौरवगाथा शामिल, नई पीढ़ी के चरित्र निर्माण की ऐतिहासिक पहल:सुखबीर सिंघोत्रा

रायपुर(Raipur)छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज (रजिस्टर्ड) द्वारा आयोजित आज एक पत्रकार वार्ता में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कक्षा 3 की हिंदी पाठ्यपुस्तक श्वीणाश् में दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह महाराज के दोनों छोटे वीर साहिबजादों साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह जी (9 वर्ष) एवं साहिबजादा बाबा फतेह सिंह (6 वर्ष) दृ की अमर शहादत की गाथा को शामिल करना केवल एक शैक्षणिक निर्णय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति, नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल है।

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने पत्रकार वार्ता में बताया गया कि सिक्ख इतिहास का यह स्वर्णिम अध्याय विश्व इतिहास में अद्वितीय है। इतनी कम आयु में दोनों छोटे साहिबजादों ने सत्ता के प्रलोभन, भय, अत्याचार और धर्म परिवर्तन के दबाव के सामने झुकने से स्पष्ट इनकार कर दिया। उन्होंने अपने धर्म, सिद्धांत और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए मुस्कुराते हुए सर्वोच्च बलिदान स्वीकार किया। मुगल शासन के आदेश पर उन्हें जीवित दीवार में चिनवा दिया गया, लेकिन उन्होंने अपने धर्म और विश्वास से समझौता नहीं किया। उनका यह अप्रतिम बलिदान आज भी साहस, सत्य, धर्मनिष्ठा और आत्मबल का सर्वोच्च उदाहरण माना जाता है।समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ने सिक्ख गुरुओं एवं साहिबजादों के त्याग, तपस्या और बलिदान से प्रेरित होकर इस गौरवपूर्ण इतिहास को प्रदेश के स्कूली पाठ्यक्रम में स्थान देकर लाखों विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है। यह निर्णय बच्चों में आत्मविश्वास, देशभक्ति, धर्म के प्रति निष्ठा, अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का साहस तथा मानवता की रक्षा के लिए समर्पण जैसी महान भावनाओं का विकास करेगा।पत्रकार वार्ता में यह भी कहा गया कि आज के समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं, बल्कि ऐसे संस्कारित, साहसी और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है जो सत्य, न्याय और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानें। वीर साहिबजादों की गाथा विद्यार्थियों को यह प्रेरणा देगी कि परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, सत्य और सिद्धांतों का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस ऐतिहासिक निर्णय के प्रति समस्त सिक्ख समाज की ओर से हार्दिक धन्यवाद एवं अभिनंदन व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल केवल सिक्ख समाज का सम्मान नहीं, बल्कि भारत की महान बलिदानी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का राष्ट्रीय कार्य है।

पत्रकार वार्ता में उपस्थित छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, समाज के अन्य प्रमुख सदस्यों देवेन्दर सिंह सिब्बल, बाबा बुड्ढा जी साहेब गुरुद्वारा के प्रधान हरकिशन सिंह राजपूत, नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, कुलवंत सिंह खालसा, मनजीत सिंह भाटिया, परगट सिंह सैनी, देवेंद्र सिंह चावला, जसप्रीत सिंह चावला, इकबाल सिंह होरा, रणजीत सिंह खनूजा, अमृत सिंह सूर, इंदर पाल सिंह गांधी, गुरमीत सिंह छाबड़ा, मानवेंद्र सिंह डडियाला, जागीर सिंह बावा, नरेन्द्र सिंह चावला, हरमिंदर सिंह राजू छाबड़ा, एवं अत्तर सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज शीघ्र ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़े समारोह में सामाजिक अभिनंदन करेगा ।छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शिक्षा, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में ऐसे ही प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक निर्णय लेता रहेगा।

वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु की फतेह।

Author: Sudha Bag

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