कुहीकला सोसाइटी में 63 लाख के धान घोटाले में अब तक गिरफ्तारी नहीं, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल?

2039 क्विंटल धान गायब, एफआईआर दर्ज हुए तीन सप्ताह से अधिक समय बीत गया, आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर
(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छुरिया। जानकारी अनुसार राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुहीकला धान खरीदी केंद्र में सामने आए 63 लाख 23 हजार 566 रुपये के कथित धान घोटाले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार थाना गैंदाटोला में 12 मई 2026 को एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर में उल्लेख है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी और भंडारण के मिलान में 2039.86 क्विंटल धान कम पाया गया, जिसकी कीमत 63 लाख 23 हजार 566 रुपये आंकी गई है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर समिति प्रभारी हरनारायण रामटेके, कंप्यूटर ऑपरेटर धनेश्वर कंवर एवं प्राधिकृत अधिकारी रामकुमार मंडावी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण के बीच बड़ा अंतर सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।

गिरफ्तारी नहीं होने से उठ रहे सवाल?

एफआईआर दर्ज हुए तीन सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि आखिर ऐसे कौन से कारण हैं, जिनकी वजह से मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

राजनीतिक संरक्षण की चर्चा भी तेज?

मामले में नामजद आरोपियों में एक व्यक्ति का संबंध भाजपा से बताया जा रहा है। गिरफ्तारी में हो रही देरी के चलते क्षेत्र में राजनीतिक संरक्षण को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आमजन सवाल उठा रहे हैं कि यदि एफआईआर दर्ज हो चुकी है तो कानून की कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हो रही है और क्या कानून सभी के लिए समान रूप से लागू हो रहा है?

जनता को अगली कार्रवाई का इंतजार?

63 लाख रुपये के कथित धान घोटाले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों की निगाहें अब? पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। आमजन जानना चाहते हैं कि मामले में जिम्मेदार लोगों पर कानूनी शिकंजा कब कसेगा और जांच कब अपने अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचेगी।

पुलिस ने बताई देरी की वजह

मामले को लेकर थाना प्रभारी राजेश साहू का कहना है कि विवेचना जारी है। जिन अधिकारियों ने जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, उनके बयान अभी तक दर्ज नहीं हो पाए हैं।

Author: Sudha Bag

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