अधूरी पानी टंकियां और सूखी पाइपलाइन ने खोली भाजपा सरकार के ‘सुशासन’ की पोल : चुम्मन साहू


(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छुरिया। कांग्रेस नेता चुम्मन साहू ने जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को लेकर भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन मॉडल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार गांवों में विकास और हर घर जल पहुंचाने के बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आती है। कई गांवों में पानी टंकियां अधूरी पड़ी हैं, पाइपलाइन बंद है और ग्रामीण आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
चुम्मन साहू ने कहा भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जिस सुशासन मॉडल की बात करते हैं, उसकी असली तस्वीर गांवों में अधूरी पड़ी पानी टंकियां, बंद पड़ी पाइपलाइन और पानी के लिए भटकती जनता के रूप में सामने आ रही है। जल जीवन मिशन को ग्रामीण विकास की सबसे बड़ी योजना बताया गया, लेकिन आज यह योजना कई जगहों पर अधूरे निर्माण, लापरवाही और सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि ग्रामीण परिवार आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता चुम्मन साहू ने कहा कि भाजपा सरकार योजनाओं का प्रचार करने में आगे है, लेकिन जनता को उसका लाभ पहुंचाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार को जवाब देना चाहिए कि आखिर जल जीवन मिशन के नाम पर खर्च हुए करोड़ों रुपये का हिसाब कौन देगा। अगर गांवों में पानी नहीं पहुंचा, तो फिर यह पैसा कहां गया। जनता अब केवल घोषणा और पोस्टर नहीं, बल्कि जमीन पर परिणाम चाहती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का तथाकथित सुशासन केवल भाषणों और विज्ञापनों तक सीमित नजर आता है। गांवों में अधूरी टंकियां इस बात का प्रमाण हैं कि योजनाओं की निगरानी और जिम्मेदारी तय करने में सरकार नाकाम रही है। जिन अधिकारियों और ठेकेदारों ने काम अधूरा छोड़ दिया, उन पर कार्रवाई नहीं होना भी यह साबित करता है कि सरकार जवाबदेही तय करने से बच रही है।
चुम्मन साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ग्रामीण जनता की बुनियादी समस्याओं से ज्यादा अपनी राजनीतिक छवि चमकाने में व्यस्त है। जब जनता पानी के लिए परेशान हो और सरकार सुशासन का दावा करे, तो यह सीधे-सीधे जनता की पीड़ा का मजाक उड़ाने जैसा है। कांग्रेस इस मुद्दे को गांव-गांव तक पहुंचाएगी और जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर प्रशासनिक कार्यालयों तक बड़ा आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि पानी किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है। यदि सरकार समय रहते अधूरे कार्य पूरे नहीं करती और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं करती, तो आने वाले समय में जनता खुद जवाब देगी। अब ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा और अधूरे विकास के नाम पर राजनीति ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाली।

Author: Sudha Bag

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *