अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में महिलाएँ निभा रहीं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ

रायपुर/ 8 मार्च, 2026

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कार्यरत महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण किया जा रहा है। आज महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी दक्षता, प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर रेलवे के सुचारु एवं सुरक्षित संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में महिलाएँ विभिन्न परिचालन, तकनीकी, प्रशासनिक तथा सेवा क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। रेल संचालन जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य में महिलाएँ लोको पायलट के रूप में ट्रेनों का संचालन कर रही हैं, वहीं ट्रेन मैनेजर के रूप में सम्पूर्ण ट्रेन के सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इसके अतिरिक्त टिकट चेकिंग स्टाफ, इंजीनियर, ट्रैक मेंटेनर जैसे तकनीकी क्षेत्रों में भी महिलाएँ सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे परिसंपत्तियों की संरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) में भी महिला अधिकारी एवं जवान पूरी तत्परता के साथ अपनी सेवाएँ दे रही हैं। स्टेशन परिसरों, ट्रेनों तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों में कार्यरत महिला डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी रेलकर्मियों एवं यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कर महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के इतिहास में यह भी गौरवपूर्ण तथ्य है कि संगठन के सर्वोच्च पद महाप्रबंधक के रूप में भी एक महिला सफलतापूर्वक अपनी सेवाएँ दे चुकी हैं, जो रेलवे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का सशक्त उदाहरण है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अपनी सभी महिला कर्मचारियों के समर्पण, परिश्रम और उपलब्धियों को नमन करता है। उनका योगदान न केवल संगठन को सशक्त बना रहा है, बल्कि समाज में महिलाओं की क्षमता और नेतृत्व की नई मिसाल भी स्थापित कर रहा है।


Author: Sudha Bag

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