::कुहीकला में भगवान बिरसा मुंडा मूर्ति का अनावरण::
(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छुरिया : छुरिया विकासखंड के वनांचल के ग्राम कुहीकला में ध्रुव गोंड परिक्षेत्र घोटिया के तत्वधान में
भगवान बिरसा मुंडा मूर्ति की स्थापना गई है । इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संजय कुमार सिन्हा अध्यक्ष जनपद पंचायत छुरिया,मदन नेताम अध्यक्ष ओढ़ारबांध महासभा,श्रीमती बीरम बाई मंडावी जिला पंचायत सदस्य,राजेश्वर ध्रुवे सह संचालक ओढ़ारबांध महासभा, गैंदलाल मंडावी अध्यक्ष परिक्षेत्र घोटीया मौजूद रहे कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि भारत के महान जनजातीय नायक, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक भगवान बिरसा मुंडा थे। उनका जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड तत्कालीन बंगाल प्रेसीडेंसी के उलीहातू गाँव में एक साधारण मुंडा आदिवासी परिवार में हुआ था। बचपन से ही वे अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने वाले और तेजस्वी स्वभाव के थे। जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने देखा कि अंग्रेजी शासन और ज़मींदारी प्रथा के कारण आदिवासियों की जल, जंगल और ज़मीन उनसे छीनी जा रही है। साहूकारों और मिशनरियों द्वारा उनका शोषण हो रहा था। यह सब देखकर उनके मन में विद्रोह की ज्वाला भड़क उठी। उन्होंने आदिवासी समाज को जागरूक करने के लिए“उलगुलान”
(महाविद्रोह) का आह्वान किया। वे लोगों को अपनी संस्कृति, धर्म और परंपराओं से जुड़ने का संदेश देते थे। उन्होंने नशाखोरी, अंधविश्वास और सामाजिक बुराइयों का विरोध किया और आत्मसम्मान का पाठ पढ़ाया। नेताम ने बताया कि बिरसा मुंडा के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र आंदोलन हुआ, जिसने ब्रिटिश सरकार को हिला कर रख दिया। अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर रांची जेल में बंद कर दिया, जहाँ 9 जून 1900 को मात्र 25 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। यद्यपि उनका जीवन छोटा था, लेकिन उनका संघर्ष अमर हो गया। आज उन्हें “धरती आबा” कहा जाता है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष और अपने अधिकारों की रक्षा करना ही सच्चा धर्म है। इस अवसर पर सुनील मंडावी सरपंच,स्वाति मंडावी सरपंच,दुलार मंडावी,सोना कौशिक, सालिक राम पटेल,कुंदन बडोले सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु व ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
