(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
बताया जाता है राजनांदगांव जिला स्वास्थ्य विभाग
अधिकारियों को जनता के मूलभुत समस्याओं से कोई सरोकार नहीं आज हालात ये है जीवनदीप समिति जिसका उद्देश्य मरीज को बेहतर स्वास्थ्य मिले प्रदेश सरकार के द्वारा अपने पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को जीवन दीप समिति मे अशाकिय सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है मगर आज जिस तरह की अव्यवस्था दिख रही है इससे मालूम पड़ता है कि मनोनित सदस्यों का स्वास्थ्य विभाग अधिकारी किसी भी प्रकार से सम्मान नहीं कर रही है स्वास्थ्य विभाग के द्वारा प्रभारी मंत्री के माध्यम से जीवनदीप सदस्यों को मनोनीत किया गया है चुकीं राजनांदगांव में 7 से 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं और लगभग 40 से 50 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है इन स्थानों में प्रभारी मंत्री के आदेश अनुसार जिला कलेक्टर द्वारा अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति की गई है जिला मुख्यालय के जिला चिकित्सालय में प्रभारी मंत्री अथवा सांसद को अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया जाता है लेकिन राजनांदगांव जिला मुख्यालय में डा रमन सिंह विधानसभा अध्यक्ष ही अध्यक्ष होंगे समुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में क्षेत्रीय विधायक पदेन अध्यक्ष मनोनीत होते हैं जिसमें जनपद अध्यक्ष नगर पंचायत अध्यक्ष सीएमओ बी ई ओ सहित पी एच ई पी डब्लू डी विद्युत मंडल के अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक, विकासखंड के जनपद अध्यक्ष मनोनीत होते है उपरोक्त केंद्रो में शासन द्वारा जीवन दीप समिति के अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति की गई है उपरोक्त स्वास्थ्य केंद्रो मे लगभग 4 माह से से जीवन दीप समिति की बैठक नहीं हो पाई है संबधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं चाहते कि जीवन दीप समिति की बैठक हो कियोकी की समिति बैठक होने पर स्वास्थ्य केंद्रो मे आना जाना तथा अस्पताल की अवयस्थाएं के बारे में पोल खुल जायेंगी इस डर से विभाग के अधिकारी जीवन दीप समिति की बैठक नहीं कर रहे हैं चुनें हूऐ व जनप्रतिनिधियों व सरकारी अफसरशाही को जो वेतन सुविधाएं मिल रही है उसका सुख भोगने से फुर्सत नहीं है यही वजह है राजनांदगांव जिले के चार समुदायिक केंद्रो पर विगत 4 माह से बैठक का नहीं होना अनेक संदेह को जन्म देता है जब अधिकारियों से इस संबंध जानकारी मांगा जाता है तब संबंधित क्षेत्र के विधायक एवं संबंधित एसडीएम के उपर अधिकारी एक दुसरे पर सवाल खड़े कर पल्ला झाड़ लेते हैं,
जीवन दीप समिति पर अधिकारी व नेताओं का रवैया जैसा दिख रहा है उससे जनप्रतिनिधि जनता के प्रति कितने ईमानदार हैं यहां साफ़ साफ़ दिखाई पड़ रहा है वही अधिकारी बेलगाम हो गये है उन पर सत्ता दल के मंत्री सांसद विधायक व स्थानीय नेताओं का नियंत्रण नहीं है यही वज़ह है कि सरकार के विभिन्न योजनाओं का लाभ जनता को नहीं मिलता दिखाई पड़ता है! वर्तमान में सरकारी अमला का पूरे योजनाओं का जनता कों लाभ नहीं मिल रहा!
अगर जीवन दीप समिति का बैठक निरंतर होता तो अफसरशाही पर लगाम होता मुख्यालय हो या ब्लांक के अधिकारी अपने कर्तव्यों का भी बखूबी निर्वहन करते और भ्रष्टाचार करने से डरते और दूर से आए मरीजों से दुर्व्यवहार करने से भी घबराते समय पर अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहते
स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होने की अति आवश्यकता है वर्तमान के परिस्थितियों को देखते हुए इस ओर ध्यान आकर्षित करना बेहद जरूरी
र्स्वास्थ्य विभाग के घोर लापरवाही के चलते राजनीति सुत्रो से जानाकारी है कि
इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से जल्द शिकायत की जायेगी
