छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी नीति से किसान हो रहे खुशहाल : संजय सिन्हा


(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छुरिया : खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कल्लुबंजारी सेवा सहकारी समिति में धान खरीदी के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यरूप से जनपद पंचायत छुरिया के अध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा व जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष प्रशांत ठाकुर, खेम चंद साहू प्राधिकृत अधिकारी सेवा सहकारी समिति, आत्मा राम चंद्रावंसी,चंद्रिका साहू,डोमेन पटेल मौजूद रहे,सर्वप्रथम अतिथियों ने छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर पूजा अर्चना कर धान खरीदी का शुभारंभ किया गया । उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अधिकांश धान खरीदी केंद्रों में खरीदी प्रारंभ हो है,आज सेवा सहकारी समिति कल्लुबंजारी मे प्रथम दिवस श्रीमती बैसाखिन बाई ने 40 क्विंटल 80 धान उपार्जन केन्द्र में बेचे है ,श्री सिन्हा ने पुष्प हार से स्वागत किया गया । सरकार की धान खरीदी नीति किसानों के हितों को सुरक्षित करने और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए बनाई गई है। इस नीति से किसानों को कई महत्वपूर्ण फायदे मिलते हैं। हमारी सरकार ने जो कहा वो कर रही है,इकतीस सौ प्रति क्विंटल की दर पर प्रति एकड़ इक्कीस क्विंटल की खरीदी की जा रही,और उनके उपज का पैसा पहले समर्थन मूल्य फिर प्रोत्साहन राशि के रूप में भुगतान भी जल्द किया जाता है । छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी नीति से किसानों को अनेकों फायदे हो रहे है,किसानों को उचित और सुनिश्चित समर्थन मूल्य सरकार हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदती है।
किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलती है, जिससे आय स्थिर रहती है।
समय पर भुगतान की गारंटी
खरीदी के बाद किसानों को तय समय सीमा में भुगतान मिलता है।
इससे किसान कर्ज के दबाव से बचते हैं और अगली फसल की तैयारी आसानी से कर पाते हैं।
बोनस और प्रोत्साहन राशि (योग्यता अनुसार) योग्य किसानों को MSP के साथ बोनस राशि भी दी जाती है। इससे किसानों की कमाई और बढ़ जाती है।
पंजीकरण प्रक्रिया सरल और आसान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टोकन की भी सुविधा है । किसानों को बार-बार कार्यालय नहीं जाना पड़ता। तौल और भंडारण की पारदर्शी व्यवस्था है,खरीदी केंद्रों में डिजिटल तुला और रजिस्टर की व्यवस्था से धान तौल में पारदर्शिता। खाद्य विभाग, मार्कफेड आदि संस्थानों द्वारा भंडारण की सुरक्षित व्यवस्था की जाती। सरकार धान को खरीदी केंद्र से संग्रहण केंद्र तक ले जाने की जिम्मेदारी उठाती है।
खरीदी केंद्रों में मजदूर, हमाल, परिवहन वाहन आदि की आवश्यकता बढ़ती है।
फसल विविधीकरण को धान खरीदी से किसानों की आय स्थिर होती है, जिससे वे अन्य फसलों, सब्ज़ियों, पशुपालन आदि को अपनाने में सक्षम होते हैं। छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर किसान धान उपज की पैदावारी अधिक करते है । राज्य सरकार द्वारा खरीदा गया धान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए उपयोग होता है। इससे गरीब परिवारों को सस्ती दर पर चावल मिलता है। छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी नीति से किसानों के हितों को सुरक्षित करता है । इस अवसर पर कार्यक्रम में चित्रा बाई कोर्राम सरपंच,राजकुमार पटेल,सुरेश साहू,बालकिसन साहू,सुशील कुमार कंवर,टीकम साहू, टेमन ठाकुर,नायब तहसीलदार , ए डी ओ वैष्णव,संतराम कंवर सहित किसान भाई बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Author: Sudha Bag

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