* मेड़ टूटने से खेत जलमग्न, फसल कटाई रुकी, किसानों को भारी नुकसान*
(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छूरिया ब्लाक के खातुटोला से शुरू होकर ज़ीरो नहर नाली , झितराटोला, कललुटोला और शिकारी टोला तक पहुंचने वाली नहर का निर्माण कार्य इन दिनों ग्रामीणों और किसानों के लिए गंभीर संकट का कारण बन गया है। क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से नहर निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया था लेकिन निर्माण एजेंसी की लापरवाही और अधूरी योजना के चलते इसका काम बीचों-बीच रोक दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि नहर का सिमेट्रीकरण भी पूरा नहीं किया गया जिसके कारण नहर की मेड़ जगह-जगह टूट रही है।
इसी अधूरे निर्माण और कमजोर मेड़ों की वजह से नहर का पानी सीधे किसानों के खेतों में घुस रहा है। लगातार पानी भरने से खेत जलमग्न हो चुके हैं जिससे तैयार खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि नहर निर्माण में भराशाही और लापरवाही साफ दिखाई दे रही है क्योंकि जहां काम अधूरा छोड़ा गया है वहां मिट्टी और मेड़ की संभाल तक नहीं की गई।ग्रामीणों ने बताया कि अचानक बहाव बढ़ने पर पानी का बहाव खेतों की ओर मुड़ जाता है और कई बीघे जमीन में पानी भर जाता है। जहां धान की फसल कटाई के लिए तैयार थी वहीं अब किसान पानी उतरने का इंतज़ार करने को मजबूर हैं। खेतों में कीचड़ और पानी जमा होने से कटाई पूरी तरह से ठप हो चुकी है। किसान यह आशंका भी जता रहे हैं कि यदि पानी यूँ ही बना रहा तो बचे हुए पौधे भी खराब हो जाएंगे। स्थानीय किसानों के अनुसार नहर परियोजना पर लगभग सात से आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही जा रही है लेकिन इसके बावजूद निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर जिम्मेदार विभाग की उदासीनता सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर यह भी आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई ना ही अधूरे स्थानों की मरम्मत की गई। अब किसान और ग्रामीण संयुक्त रूप से प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि नहर निर्माण कार्य को तत्काल पूरा किया जाए मेड़ों को मजबूत किया जाए खेतों में भरे पानी को निकालने की व्यवस्था की जाए फसल नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा दिया जाए किसानों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो पूरे क्षेत्र की कृषि प्रभावित हो जाएगी और हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। ग्रामीण उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द कदम उठाकर इस बड़ी लापरवाही को दूर करेगा ताकि आगामी रबी सीजन पर भी इसका असर न पड़े।
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चुम्मन साहू जिला कांग्रेस महामंत्री
