&जसीम कूरैशी कि रिपोर्ट&
छुरिया : छुरिया विकासखंड के ग्राम जरहामहका मे युवा शारदा समिति के तत्वाधान में ग्रामीणों के मनोरंजन के लिए युवाओं के द्वारा छत्तीसगढ़ी लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन रखा गया,इस कार्यक्रम का शुभारंभ छुरिया जनपद पंचायत के अध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने मां सरस्वती विद्या दायिनी की मूर्ति पर पूजा अर्चना कर किया गया। इस अवसर पर मुख्यरूप रूप से कांता प्रसाद साहू अध्यक्ष मंडल भाजपा छुरिया, नैनसिंह पटेल उपाध्यक्ष,टीकम साहू युवा भाजपा नेता उपस्थित रहे । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि
भारत एक विविधताओं से भरा देश है, जहाँ प्रत्येक राज्य, धर्म, भाषा और परंपरा का अपना एक विशिष्ट स्थान है। इन सबको एक सूत्र में बाँधने का कार्य सांस्कृतिक कार्यक्रम करते हैं। ये कार्यक्रम हमारे समाज की जीवंतता, एकता और रचनात्मकता का प्रतीक होते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम का अर्थ
सांस्कृतिक कार्यक्रम ऐसे आयोजन होते हैं जिनमें किसी समाज, विद्यालय, महाविद्यालय या संस्था की कला, संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन किया जाता है। इसमें नृत्य, संगीत, नाटक, कविता-पाठ, लोकगीत, वाद्ययंत्र प्रस्तुति, निबंध वाचन आदि शामिल होते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्देश्य
संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन करना छात्रों की प्रतिभा को मंच प्रदान करना एकता और भाईचारे की भावना जगाना समाज में सकारात्मकता और उत्साह फैलाना ,रचनात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाना विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का महत्व विद्यालय और महाविद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम होते हैं।
इनसे विद्यार्थी अपनी नेतृत्व क्षमता, वक्तृत्व कौशल और सामूहिक भावना का विकास करते हैं, सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शनभारत में विभिन्न जातियाँ, धर्म और भाषाएँ होते हुए भी सांस्कृतिक कार्यक्रम हमें “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश देते हैं।
राजस्थान का घूमर नृत्य, पंजाब का भांगड़ा, असम का बिहू, छत्तीसगढ़ का पंथी नृत्य, दक्षिण भारत का भरतनाट्यम ये सभी हमारी सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं। इस अवसर पर मन्नू राम चंद्रवांसी सरपंच, टुमन सेन,तुला राम सिरमौर सहित ग्रामीण जन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
