जसीम कूरैशी की रिपोर्ट
छुरिया ()।विद्यार्थी जीवन में खेलकूद का बहुत महत्व है, यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. खेलकूद छात्रों को स्वस्थ, अनुशासित और टीम भावना से काम करने वाला व्यक्ति बनाता हैं.विद्यार्थी जीवन में जितना महत्व पढ़ाई का है उतना ही महत्व खेलकूद का भी हैं . विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर प्रतिभावान खिलाड़ी अपना करियर बना रहे हैं. राज्य शासन विभिन्न खेलों में तथा प्रतिभावान खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है| वहीं दूसरी ओर पीएम श्री आत्मानंद स्कूल छुरिया में खेल शिक्षक नहीं होने से यहां के प्रतिभावान खिलाड़ी 15 जुलाई से 23 अगस्त तक होने वाली विभिन्न खेलों के विकासखंड स्तरीय चयन प्रतियोगिता में भाग लेने से वंचित हो गए हैं जिससे छात्र-छात्राओं एवं पालको में भारी रोष व्याप्त है|
समिति द्वारा संविदा नियुक्ति का नवीकरण आगे नहीं करने का निर्णय लिया गया जिसके कारण व्यायाम शिक्षक संविदा रवि जैन की सेवा समाप्त कर दी गई जिसके बाद पीएम श्री आत्मानंद स्कूल छुरिया में किसी नए व्यायाम शिक्षा की भर्ती नहीं की गई ना ही यहां के प्राचार्य द्वारा किसी अन्य शिक्षक को इसका प्रभार दिया गया जिसके कारण यहां के प्रतिभावान छात्र-छात्राएं विकासखंड स्तरीय खेल चयन प्रतियोगिता में भाग लेने से वंचित हो गए हैं. मालूम हो कि विकासखंड से विभिन्न खेलों में चयनित खिलाड़ी जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में भाग लेते हैं तथा जिला स्तर के बाद प्रदेश स्तरीय खेल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का चयन होता है जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते हैं एवं अपना करियर बनाते हैं|
पूर्व के वर्षों में पीएम श्री आत्मानंद स्कूल छुरिया से विभिन्न खेलो में प्रतिभावान खिलाड़ियों का सम्भाग तथा राज्य स्तरीय खेलों के लिए चयन हुआ था|
इस बारे में जब पीएम श्री आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य धनेश सिन्हा से पूछा गया तो उन्होंने विकासखंड स्तरीय खेल प्रतियोगिता की कोई जानकारी न होने तथा बोर्ड परीक्षा में व्यस्त होने की बात कही वहीं खेल शिक्षक के न होने पर किसी अन्य को प्रभार दिए जाने की बात पर किसी अन्य को इसका प्रभार नहीं दिया जाना बताया गया. इस प्रकार यहां के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का 1 साल बर्बाद हो गया जिसके कारण यहां के छात्र-छात्राओं एवं पालको में भारी रोष व्याप्त है| नाराज पालको ने शाला प्रबंधन को इसके लिए जिम्मेदार बताया है| राज्य शासन विभिन्न खेलों में तथा प्रतिभावान खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है|
