रायपुर(Raipur)बीजापुर 28 जून 2025: छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत, माओवाद की राह छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने वाले आत्मसमर्पित माओवादियों के सर्वांगीण विकास हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, पुनर्वास केंद्र बीजापुर में आत्मसमर्पित माओवादियों को जेसीबी, ट्रक ड्राइविंग, राजमिस्त्री इत्यादि ट्रेडों का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।
यह संपूर्ण कार्यक्रम कलेक्टर बीजापुर के दूरदर्शी नेतृत्व, पुलिस अधीक्षक बीजापुर के सशक्त मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) के कुशल निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। इनके संयुक्त प्रयासों से पुनर्वास केंद्र एक सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।
कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में पुनर्वास केंद्र के संचालक गौरव पांडे की निरंतर सक्रिय भागीदारी एवं समर्पण सराहनीय रही है। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण गतिविधियाँ सुनियोजित ढंग से संचालित हो रही हैं, जिससे लाभार्थियों को स्थायी जीवन कौशल अर्जित हो रहा है।
प्रशिक्षण के साथ-साथ, आत्मविश्वास, सामूहिकता और अनुशासन के विकास हेतु एक वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन भी पुनर्वास केंद्र बीजापुर में किया गया। प्रतियोगिता में कुल चार टीमों ने भाग लिया। विजेता एवं उपविजेता टीमों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, वहीं अन्य प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक डी.आर.जी. श्री विनीत कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक कैलाश वर्मा, प्रशिक्षक स्टाफ एवं पीटीआईगण — रवनू राम पोटाई (चेरपाल), केशव तोगर (आवापल्ली), मिहिरडे (इलमिडी) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह आयोजन पुनर्वास केंद्र की उस मानवीय सोच का सशक्त उदाहरण है, जिसके माध्यम से आत्मसमर्पित माओवादियों को सम्मान, शिक्षा एवं अवसर देकर एक सशक्त और सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर किया जा रहा है।
