जसीम कूरैशी कि रिपोर्ट
छुरिया। नगर के वार्ड क्रमांक 3 के राजकुमार बर्वे पिता विश्वनाथ बर्वे व अन्य तीन के द्वारा शासकीय भूमि पर बने हुए कुएं को मलमा डालकर पाटने व उस पर कब्जा कर निर्माण कार्य करने को लेकर जसीम कुरैशी, शेख हनीफ और वार्ड क्रमांक 3 के नगर वासियों के द्वारा तहसीलदार को लिखित शिकायत कर तत्काल रोक लगाने की मांग किया गया था लेकिन खसरा नंबर 407 पर काम बंद करनें के निर्देश के बाद भी निरंतर कार्य जारी है क्या राजस्व? विभाग के अधिकारियों का या किसी ओहदेदार व्यक्ति के आश्वासन के चलते शासकीय भूमि पर कब्जा कर निर्माण करने वालों के हौसले बुलंद हो गया हैं ? क्या शासकीय कर्मचारी द्वारा दिया गया निर्देश सिर्फ दिखावा हैं क्या मौन स्वीकृति दी गई है? शासकीय कुआं को पाटा गया है उसके बाद भी राजस्व विभाग द्वारा सिर्फ खानापूर्ति कार्यवाही किया गया।आखिर क्या बात है पटवारी तहसीलदार को प्रतिवेदन पेश क्यों नहीं कर रहा है ? सिर्फ आज कल कर कब्जा धारी को वाक् ओवर दे रहा है।
विदित हो कि अतिक्रमणकारी के द्वारा अपने निवास के समीप सार्वजनिक? प्राचीन कुएं को मलमा डालकर पाटा गया है जबकि कुए का पानी प्राचीन काल से नगरवासी उपयोग करते आ रहे हैं ।प्राइवेट सुखाचार से वंचित करने का काम किया जा रहा है ।कुएं में मालमा डालकर पानी खराब और दूषित कर रहे हैं ।कुआं खसरा नंबर 407 शासकीय भूमि पर स्थित है। अपने मकान को तोड़कर उसका मलमा कुएं में डालकर कब्जा कर कार्य कर रहा है। कुएं के पानी को जिसका लोग पानी अपने लिए उपयोग करते हैं उसे अतिक्रमणकारी के द्वारा प्राइवेट सुखाचार से वंचित कर पानी के उपयोग को बंद करने का कार्य किया गया है जिसके चलते वार्ड वासियों ने तहसीलदार को लिखित शिकायत किया था ।इसके बाद भी काम चालू है यही सबसे बड़ी विडंबना है सरकारी आदेशों का अवहेलना कहें या फिर कहें मिली भगत , मिलीभगत बोलने से कोई अतिशयोक्ति नहीं होगा क्योंकि यहां पर अंधेर नगरी चौपट राजा वाली कहावत चरितार्थ होता है लोगों को किसी का कोई सरोकार नहीं है सिर्फ पैसा के बल पर अच्छे-अच्छे को बिकते देखा गया है शायद इसी प्रकार का कोई खेल हुआ होगा? जिसके कारण आज भी काम चालू है। विष्णु के सुशासन में सुशासन कम और कुशासन ज्यादा हो रहा है।
