रायपुर(Raipur) मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा राज्य स्थापना दिवस (उत्कल दिवस) के अवसर पर प्रदेश और देशभर में रह रहे उत्कल समाज के सभी बंधुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल ओडिशा के गठन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, आत्मगौरव और सांस्कृतिक एकता की प्रेरणा भी देता है।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में उत्कल समाज के लोग निवास करते हैं, जो प्रदेश की सामाजिक समरसता और विविधता को सशक्त बनाते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने बैरिस्टर मधुसूदन दास के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी और समर्पित प्रयासों के कारण ही 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा राज्य का गठन संभव हो पाया।
मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच ऐतिहासिक रूप से गहरे सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाप्रभु जगन्नाथ को अर्पित होने वाला भोग का चावल आज भी छत्तीसगढ़ से जाता है, विशेष रूप से देवभोग क्षेत्र का चावल, जो दोनों राज्यों के धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है।
विधायक मिश्रा ने भगवान जगन्नाथ से छत्तीसगढ़ वासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विधायक किरण देव, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक सुनील सोनी, महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, प्रदेश मंत्री किशोर महानंद, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, एम.आई.सी. सदस्य, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में उत्कल समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।