दशहरा संपन्न होने से पहले जोगी परिवार को खदेड़ना महापाप है – दीपक बैज

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटीप्रेस विज्ञप्ति*दशहरा संपन्न होने से पहले जोगी परिवार को खदेड़ना महापाप है – दीपक बैज**माई दंतेश्वरी और बस्तर के परंपरा से खिलवाड़ किया भाजपा सरकार ने*रायपुर/23 अक्टूबर 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार ने बस्तर की विश्व प्रसिद्ध और पवित्र परंपरा ‘बस्तर दशहरा’ को प्रशासनिक तानाशाही का शिकार बना दिया है। जिस जोगी विधान के बिना बस्तर का दशहरा अधूरा माना जाता है, उस जोगी दौलत नाग और उनके परिवार को राष्ट्रपति जी के दौरे की सफाई का बहाना बनाकर सिरहासर भवन से बेदखल कर दिया गया। 3 दिन पहले पवित्र रथ को जेसीबी से खिंचवाकर परंपरा का मज़ाक उड़ाया गया और आज जोगी परिवार को बाहर निकालकर नवाखानी, काछन जात्रा और माई दंतेश्वरी की बिदाई रस्म से वंचित कर दिया गया। यह बस्तर के आदिवासियों की आस्था पर सीधा हमला है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बस्तर की पावन और सदियों पुरानी सांस्कृतिक धरोहर ‘बस्तर दशहरा’ पर वर्तमान भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा पहुँचाई गई ठेस अत्यंत गंभीर, संवेदनशील और आक्रोश पैदा करने वाला विषय है। राष्ट्रपति महोदया के दौरे और ‘सफाई’ के खोखले बहाने के नाम पर जोगी विधान निभाने वाले पारंपरिक सिरहा/जोगी (दौलत नाग एवं उनके परिवार) को दशहरा संपन्न होने से पहले सिरहासर भवन से जबरिया बेदखल करना सीधा-सीधा आदिवासी आस्था, परंपरा और बस्तरिया स्वाभिमान को ठेस पहुंचाना है। 3 दिन पहले रथ को जेसीबी से खिंचवाना और अब पवित्र जोगी परिवार को नवाखानी, बाहर रैनी, काछन जात्रा, कुटुंब जात्रा और माँ दंतेश्वरी की बिदाई रस्मों से दूर रखना यह साबित करता है कि भाजपा के लिए बस्तर का ऐतिहासिक दशहरा केवल ‘इवेंट मैनेजमेंट’ बनकर रह गया है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के द्वारा नवाखानी और बिदाई रस्म से जोगी परिवार को रोकना बस्तर की सांस्कृतिक अस्मिता पर भाजपा सरकार का सीधा प्रहार है। राष्ट्रपति के दौरे के नाम पर सदियों पुरानी पवित्र धार्मिक मान्यताओं को दरकिनार कर दिया गया। सिरहासर भवन से जोगी परिवार को बेदखल करना भाजपा की प्रशासनिक तानाशाही और सांस्कृतिक अज्ञानता को दर्शाता है। पवित्र रस्मों के बीच में जेसीबी का इस्तेमाल और जोगी परिवार को बाहर निकालना बस्तर दशहरा के नियमों और मांझी-चालकियों, पुजारी समाज के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने ‘बस्तर दशहरा’ के बजट में बढ़ोतरी की थी, देवगुड़ी और माता गुड़ी का जीर्णोद्धार कराया, मांझी-चालकियों और जोगी परिवार के सम्मान व मानदेय की व्यवस्था की थी। कांग्रेस ने हमेशा छत्तीसगढ़ी और आदिवासी तीज-त्योहारों को राज्य के स्वाभिमान से जोड़कर सर्वोच्च सम्मान दिया, जबकि भाजपा शासन में परंपराओं का अपमान हो रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री से 5 सीधे सवाल किया हैः-1. मुख्यमंत्री जी जवाब दें, क्या राष्ट्रपति महोदया के दौरे की सफाई का मतलब बस्तर की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं और जोगी विधान को कुचलना है?2. पवित्र रथ को ट्रैक्टर/जेसीबी से खिंचवाने और जोगी परिवार को जबरन बेदखल करने का आदेश किस अधिकारी ने दिया? क्या उस अफसर पर कार्रवाई करने की हिम्मत सरकार दिखाएगी?3. जो भाजपा खुद को आदिवासियों की हितैषी बताती है, उसके राज में माई दंतेश्वरी के जोगी को कुटुंब जात्रा और बिदाई रस्म से दूर क्यों रखा गया?4. क्या भाजपा सरकार के लिए बस्तर की पावन परंपराएँ केवल एक ‘इवेंट’ और ‘फोटो-ऑप’ हैं, जिन्हें जब चाहे प्रशासन अपने बूटों तले रौंद दे?5. इस घोर पाप और बस्तर के आदिवासियों की भावनाएं आहत करने के लिए क्या मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन पूरे बस्तर समाज से सार्वजनिक माफी मांगेंगे?सुशील आनंद

Author: Sudha Bag

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