पीडीएस की दुकानों में पर्याप्त राशन नहीं, वनांचल में शक्कर, चना, गुड़ किसी को नहीं मिल रहा है – दीपक बैज

*रायपुर/20 अगस्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में हितग्राही राशन कार्ड लेकर भटक रहे हैं, भंडारण नहीं होने से लगभग आधे राशन दुकानों में अगस्त माह का राशन पहुंचा ही नहीं है, आबंटन केवल कागजी साबित हो रहा है। शक्कर तो किसी भी राशन दुकान में नहीं मिल रहा है, अधिक कीमत पर खरीदना पड़ रहा है, अनियमित आपूर्ति और भंडारण कमी की शिकायतें पूरे प्रदेश से लगातार सामने आ रही हैं। बस्तर सरगुजा जैसे वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में चना और गुड़ का आवंटन लंबे समय से बाधित है, इस सरकार ने पीडीएस की व्यवस्था को जानबूझकर बाधित कर दिया है। डिजिटल इंडिया और पारदर्शिता का दावा झूठा है, ऑनलाइन ई-पॉस (PDS) सॉफ्टवेयर और ऐप में स्टॉक और सामग्री का विकल्प छुपाये जा रहे हैं, जिससे वितरण प्रभावित हो रहा है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एक तरफ सरकार ऑटोमैटिक अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम से आधार या राशन कार्ड नंबर दर्ज करके और अंगूठे का सत्यापन कराकर किसी भी समय चावल प्रदान करने का दावा कर रही है लेकिन सच्चाई यह है कि भंडारण ही नहीं हो पा रहा है तो वितरण कैसे होगा? इस सरकार के दावे कागजी है, बिना राशन दिए ही बायोमेट्रिक मशीन में अंगूठा लगवा लिए जा रहे हैं, हितग्राहियों के हक़ का राशन खुले बाजारों में बिक रहा है, सत्ता के संरक्षण में अंतराज्यीय तस्करी हो रही है छत्तीसगढ़ के पीडीएस का चावल आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र तक भेजा जा रहा है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन की कालाबाजारी, तौल में कमी और अनाज गायब होने की कई घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, हाल ही में बस्तर में गोदाम से सीधे ट्रक में लोड किया जा रहा 186 क्विंटल पीडीएस चावल (378 बोरी) और चना जब्त किया गया। अंबिकापुर में भी उपभोक्ताओं की शिकायत पर एक ट्रक से 130 बोरी सरकारी राशन बरामद किया गया। रायगढ़ के बेलादुला, जुर्डा और पंडरीपानी जैसी पीडीएस दुकानों में चावल, गेहूं व नमक की शॉर्टेज और गड़बड़ी पकड़ी गई है। कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर जिलों में पीडीएस अनाज के अवैध लेन-देन, भारी मात्रा में चावल के गायब होने और कालाबाजारी के मामले उजागर हुए हैं। उपभोक्ता दुकानों में स्टॉक और वितरण के आंकड़ों का भौतिक सत्यापन, सोशल ऑडिट नहीं करना इस सरकार की मिलीभगत को प्रमाणित करता है।

Author: Sudha Bag

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *