दीपक रात्रे, पिता उमाशंकर रात्रे, मजदूरी करने के लिए अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर गया हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, दीपक रात्रे बचपन से ही अपने मामा के गांव हरदीडीह में रहकर पढ़ाई-लिखाई करता था। उसकी शादी भी हरदीडीह में ही हुई थी। आतंकी हमले की सूचना मिलने के बाद जैजैपुर पुलिस ने हरदीडीह पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि दीपक लगभग एक वर्ष पहले अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर में एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने गया था। उसके साथ उसकी पत्नी और भाई भी वहीं काम कर रहे थे। दीपक अपने पीछे पत्नी और एक मासूम बच्चे को छोड़ गया है। इस दुखद घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं बुंदेली और हरदीडीह गांव में मातम का माहौल है।**फोटो – मृतक दीपक रात्रे*
