सुशासन कार्यक्रम अंतर्गत भी मैंने उठाए थे सवाल पूर्व में
ख़बर छत्तीसगढ़ से जसीम कूरैशी की रिपोर्ट
छुरिया। सुशासन कार्यक्रम पर भी उठाए थे मैंने सवाल कांग्रेस नेता चुम्मन साहू ने झितराटोला–मगरधोखरा पुल को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “यह पुल भाजपा के विकास मॉडल की सच्चाई बयां कर रहा है। वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में इस पुल का निर्माण कराया गया था, लेकिन आज यह विष्णु देव सरकार मे दो वर्षों से टूटा पड़ा है। इससे बड़ा भाजपा सरकार की कार्यशैली का प्रमाण और क्या हो सकता है?”
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा सरकार के समय बने इस पुल के टूटने के बाद भी पिछले दो वर्षों से इसके पुनर्निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है। इसका खामियाजा क्षेत्र के किसान, छात्र-छात्राएं, मजदूर, महिलाएं और आम ग्रामीण रोजाना भुगत रहे हैं। लोगों को लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ रहा है, जिससे समय, पैसा और श्रम तीनों की बर्बादी हो रही है।
चुम्मन साहू ने कहा कि सत्ता दल के जनप्रतिनिधि व दिग्गज नेताओं का इस मार्ग से प्रतिदिन आना जाना होता है , नेताओं द्वारा भाजपा सरकार मंचों से विकास और सुशासन के बड़े-बड़े दावे करते है, काग्रेस नेता साहू ने कहा जमीनी हकीकत कुछ और है विष्णु देव सरकार मे दो वर्षों से एक महत्वपूर्ण पुल टूटा पड़ा है और सत्ता सरकार के लोग मौन बैठे हुए है। यह सरकार की संवेदनहीनता और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैये को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि जनता को भाषण और विज्ञापन नहीं, बल्कि सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहिए। यदि सरकार वास्तव में विकास के प्रति गंभीर है तो झितराटोला–मगरधोखरा पुल का पुनर्निर्माण तत्काल शुरू कराया जाए।
चुम्मन साहू ने सरकार से सीधा सवाल किया—
“आखिर झितराटोला–मगरधोखरा पुल कब बनेगा? दो वर्षों से जनता की परेशानी का जिम्मेदार कौन है? भाजपा सरकार जवाब दे कि विकास के दावों के बीच ग्रामीणों को कब तक बदहाल रहने के लिए मजबूर किया जाएगा?”
