“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत किया गया वृक्षारोपण, स्वच्छ ऊर्जा और हरित पर्यावरण का दिया संदेश
ख़बर छत्तीसगढ़
जसीम कुरैशी
छुरिया। ग्राम पंचायत भंडारपुर में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत जागरूकता एवं पंजीयन शिविर का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर योजना की जानकारी प्राप्त की तथा सौर ऊर्जा अपनाने के प्रति रुचि दिखाई। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को जन-जन तक पहुंचाना और पात्र परिवारों को इसका लाभ दिलाना रहा।
कार्यक्रम में प्रस्तावित मुख्य अतिथि श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव, अध्यक्ष जिला पंचायत राजनांदगांव ने उपस्थित ग्रामीणों से कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना आम नागरिकों को स्वच्छ, सस्ती और आत्मनिर्भर ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने ग्रामीणों से योजना का अधिकतम लाभ लेने तथा अपने घरों में सोलर रूफटॉप लगाकर बिजली व्यय कम करने और पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने का आग्रह किया।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री होरीलाल साहू, सरपंच श्रीमती सीमा चंद्रवंशी, जेईई श्री नायक, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के वेंडर, समस्त पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, अनुदान की जानकारी तथा सोलर संयंत्र से होने वाले आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सभी ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा और हरित पर्यावरण, विकसित भारत की मजबूत नींव हैं तथा दोनों अभियानों में जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को आमजन के लिए लाभकारी बताते हुए योजना का लाभ लेने के प्रति उत्साह व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के जागरूकता शिविरों से अधिकाधिक पात्र परिवार योजना से जुड़ेंगे और आत्मनिर्भर एवं हरित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
