आचार संहिता के बीच चुनावी लाभ लेने की कोशिश, जनता को गुमराह करने में जुटी भाजपा सरकार : चुम्मन साहू


(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छुरिया। कांग्रेस नेता चुम्मन साहू ने घुमका नगर पंचायत को आदर्श शहर समृद्धि योजना में शामिल किए जाने की घोषणा पर भाजपा सरकार को घेरते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि “राजनांदगांव जिले की नगर पंचायत घुमका में इन दिनों पंचायत चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू है, ऐसे समय में सरकार द्वारा विकास योजनाओं की बड़ी-बड़ी घोषणाएं करना निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। यह साफ तौर पर चुनावी माहौल को प्रभावित करने और जनता को भ्रमित करने की कोशिश दिखाई दे रही है।”
चुम्मन साहू ने कहा कि “भाजपा सरकार को यदि वास्तव में घुमका और क्षेत्र के विकास की चिंता होती, तो यह घोषणा महीनों पहले की जाती। लेकिन चुनाव सिर पर आते ही अचानक योजनाओं की बरसात करना यह साबित करता है कि सरकार विकास नहीं, बल्कि वोट की राजनीति कर रही है। वर्षों तक क्षेत्र की सड़कों, पानी, सफाई, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी करने वाली सरकार अब चुनावी फायदा लेने के लिए विकास का नया सपना दिखा रही है।”
उन्होंने कहा कि “आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद इस तरह की घोषणाएं करना लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है। चुनाव आयोग के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने वाली घोषणाओं से बचा जाए, लेकिन भाजपा सरकार सत्ता के नशे में नियम-कायदों को ताक में रखकर चुनावी माहौल अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है। यह केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा नजर आ रहा है।”
चुम्मन साहू ने आरोप लगाया कि “भाजपा सरकार जनता को बार-बार झूठे वादों और घोषणाओं के सहारे गुमराह करने की राजनीति कर रही है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करना और बाद में उन्हें भूल जाना भाजपा की पुरानी कार्यशैली रही है। अब जनता केवल घोषणाओं से बहलने वाली नहीं है, बल्कि जमीन पर हुए काम का हिसाब मांग रही है।”
उन्होंने कहा कि “यदि सरकार की नीयत साफ है, तो वह यह स्पष्ट करे कि आचार संहिता लागू रहने के दौरान इस योजना की घोषणा किस आधार पर की गई और इसकी प्रशासनिक स्वीकृति कब दी गई। जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि विकास के नाम पर कहीं चुनावी लाभ लेने की राजनीति तो नहीं की जा रही।”
अंत में चुम्मन साहू ने चुनाव आयोग से मामले का तत्काल संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि “लोकतंत्र में चुनाव जनता के विश्वास से जीता जाता है, सरकारी संसाधनों और चुनावी घोषणाओं के सहारे नहीं। यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”

Author: Sudha Bag

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