(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छूरिया राजनांदगांव जिला पंचायत सदस्य महेंद्र यादव प्रदेश की आम जनता पहले से ही बेकाबू महंगाई से जूझ रही है। रसोई गैस, खाद्य सामग्री, बिजली, दवाइयों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। ऐसे समय में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और उसके बाद एक साथ तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की मूल्य वृद्धि ने जनता की परेशानियों को और गंभीर बना दिया है।
जिला पंचायत सदस्य एवं महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव (ग्रामीण) महेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। जनता राहत की उम्मीद कर रही थी, लेकिन सरकार ने संकट की इस घड़ी में भी आम लोगों की जेब पर डाका डालने का काम किया है। यह निर्णय पूरी तरह जनविरोधी और संवेदनहीन है।
महेन्द्र यादव ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर कृषि कार्य, माल भाड़ा और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। इसका सबसे अधिक नुकसान किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, कर्मचारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों को होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल प्रचार और दिखावे की राजनीति कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असुरक्षा से परेशान है। सरकार को जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
महेन्द्र यादव ने मांग की कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतें तत्काल वापस ली जाएं और आम जनता को राहत दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी जनहित में सड़क से सदन तक जोरदार आंदोलन करेगी।
