(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छुरिया : विकासखंड के ग्राम रियाटोला में विगत सवा साल से दो पक्षों में शीतला मंदिर के पास जमीन को लेकर हो रहे विवाद को अंतत : जनपद अध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा व नैनसिंह पटेल सामाजिक कार्यकर्ता ने सुलझा लिया है । जानकारी के मुताबिक रियाटोला निवासी पंडित पिता मुरहा राम विश्वकर्मा ने अपने निजी जमीन बताते हुए शीतला मंदिर के पास मकान बना रहे थे । इसी बात को लेकर ग्रामीणों ने अपना आपत्ति जताते हुए स्थगन आदेश ले आए,तब से गांव में दो पक्षों में काफी विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। ग्रामीणों ने उक्त समस्या को सुलझाने के लिए जनपद अध्यक्ष को गांव में आमंत्रित कर वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए,दोनों पक्षों ने मौका का निरीक्षण कराया गया । दोनों पक्षों और जनभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए सिन्हा ने पंडित विश्वकर्मा को नवनिर्मित शीतला मंदिर के पीछे बना रहे मकान के आधा हिस्से को छोड़ने का निवेदन किया,साथ अध्यक्ष ने ग्रामीणों को उसके एवज में उन्हीं के मकान के बाजू में लगे आबादी भूमि को उसे देने का आग्रह किया ,जिसे ग्रामीण सहित पक्ष विपक्ष दोनों मान गए,इसी प्रकार गांव में चल रहे विवाद व तनातनी का माहौल को शांत कराने व विवाद सुलझाने के लिए सभी ने संजय सिन्हा का आभार जताया है । गांव में दो पक्षों के बीच उत्पन्न विवाद को सुलझाने के बारे में उन्होंने आगे कहा कि हमारा गांव हमारी पहचान है, हमारी ताकत है, और हमारी एकता ही इसकी सबसे बड़ी पूंजी है। जब भी गांव में दो पक्षों के बीच मतभेद होता है, तो उसका असर केवल उन दो पक्षों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे गांव की शांति व्यवस्था और विकास पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि ऐसे विवादों को समय रहते और समझदारी से सुलझाया जाए। सबसे पहले, हमें यह समझना चाहिए कि हर विवाद के पीछे कोई न कोई कारण होता है गलतफहमी, अहंकार, या संवाद की कमी। यदि हम खुलकर और शांतिपूर्वक बातचीत करें, तो कई समस्याएं अपने आप ही हल हो जाती हैं। दूसरा, हमें अपने गांव की परंपराओं और पंचायत व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए। हमारे बुजुर्गों के पास अनुभव और समझ होती है, जो हमें सही दिशा दिखा सकती है। निष्पक्ष पंचायत और आपसी समझौता ही सबसे अच्छा समाधान है। इस अवसर पर ग्राम के डाकवर दास वैष्णव,विनोद वैष्णव,धर्मेंद्र कंवर,गुलाब साहू, कुंजूराम,जेठ कुमार,रूपेश पटेल,पवन पाल,जीवन पाल, कीर्तन कंवर,साधु राम नेताम सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष मौजूद रहे ।
