(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छुरिया : विकासखंड के महाराष्ट्र सीमा से सटे ग्राम पंचायत टीपानगढ़ से डेढ़ किलोमीटर दूर बीहड़ जंगल में रहने वाले धरमदास विश्वकर्मा के बारे में जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे जनपद पंचायत छुरिया के अध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने हकीकत देखी जो विगत कई वर्षों से अपने गांव से दूर
घने जंगल के बीच एक छोटी सी झोपड़ी, जहाँ न बिजली की रोशनी है, न पीने की पानी,न पक्की छत,और न ही जीवन की बुनियादी सुविधाएँ। यहीं पर एक गरीब, असहाय व्यक्ति अपनी जिंदगी के हर दिन को संघर्ष के साथ जी रहा है।
हाल ही में उस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ने इस व्यक्ति से मुलाकात की। जब वे उस झोपड़ी तक पहुँचे, तो वहाँ की स्थिति देखकर भावुक हो उठे। कम ऊंचाई वाली झोपड़ी जहां जाने के लिए कमर झुकाना पड़ता है, ऐसी तंगहाल जीवन,फटी हुई चटाई, सीमित भोजन और अकेलेपन की पीड़ा यह सब किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को अंदर तक झकझोर देने के लिए काफी था।
सिन्हा ने उस व्यक्ति का हालचाल जाना और उसकी परेशानियों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही उसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा, ताकि उसे एक सम्मानजनक जीवन मिल सके।
इस मुलाकात ने न सिर्फ उस व्यक्ति के दिल में उम्मीद जगाई, बल्कि समाज को भी यह सोचने पर मजबूर किया कि आज भी कई लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि विकास की दौड़ में हमें उन लोगों को नहीं भूलना चाहिए, जो अब भी जीवन की मूल जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। एक छोटी सी पहल, एक मुलाकात, किसी की जिंदगी बदल सकती है। इस अवसर पर मोनू गुप्ता उपाध्यक्ष मंडल भाजपा छुरिया,टीकम साहू अध्यक्ष किसान मोर्चा,दरबार साहू, अशोक साहू, नरेश साहू मौजूद रहे ।
