महिला आरक्षण का नही,संघीय ढांचे पर हमला करने वाले परिसीमन का विरोध- छन्नी चंदू साहू



छूरिया नई दिल्ली में लोकसभा सीटों को बढ़ाने,परिसीमन संशोधन विधेयक,केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा का विशेष सत्र आहूत की गई थी,जो कि लोकसभा में पास न हो सका,जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए खुज्जी विधानसभा क्षेत्र पूर्व विधायक छन्नी साहू ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि महिला आरक्षण संबधित विधेयक 2023 में ही लोकसभा मे पास हो चुका है किंतु केंद्र सरकार द्वारा आजपर्यंत तक उसे जमीनी स्तर में उसे लागू नही कर पाई है जो कि भाजपा सरकार की कथनी व करनी के अंतर को स्पष्ट करती है और कल जिस तरीके से केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण सम्बन्धी बिल नाम देकर उसकी आड़ में जनसंख्या आधारित परिसीमन बिल को लागू कर लोकसभा की सीटों को बढ़ाना करना चाह रही थी वह छोटे व दक्षिण-पूर्वी राज्यो के साथ बड़ा अन्याय है,इस बिल को केंद्र की भाजपा सरकार महिला आरक्षण का मुखौटा देकर पास कराने की जुगत में लगी थी जो कि संघीय व लोकतांत्रिक ढांचे पर बड़ा हमला है,भारतीय जनता पार्टी जो कभी महिलाओं के लिए खड़ा नही हो सकी वे महिला सम्मान की बात करते हुए विपक्ष को बदनाम करने की साजिश कर रही है वो हास्यास्पद है,मणिपुर में हुए आदिवासी महिला के साथ अपमान,उत्तराखंड में अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना,अम्बिकापुर महिला के साथ हुए अमानवीय घटना,दुर्ग व रायपुर में बच्चियों के साथ हुए दुर्दांत कृत्यों पर अपना मुंह तक न खोलने वाले भाजपा नेता परिसीमन संशोधन विधेयक को महिला सम्मान से जोड़कर राजनीति बयानबाजी कर विपक्ष को बदनाम करने की साजिश रच रही है वो निंदनीय है,पूर्व विधायक छन्नी साहू ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सरकार आर्थिक व जातीय आधारित जनगणना कर ओबीसी,एसटी,एससी,जनरल सहित सभी वर्गों को लोकसभा में समान नेतृत्व प्रदान करें,सरकार को चाहिए कि वह संख्या व जातिगत नेतृत्व के साथ-साथ क्षेत्रीय व आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखकर परिसीमन संशोधन विधेयक को संसद में लाकर सभी सांसदों को विश्वास में लेकर बिल को पास कराने का कार्य केंद्र सरकार द्वारा करें ।

Author: Sudha Bag

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