बस्तर संभाग और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए डबल इंजन की सरकार विशेष पैकेज जारी करे

रायपुर(Raipur) 11 अप्रैल 2026: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने दावा किया है की छत्तीसगढ़ और बस्तर से नक्सल वाद समाप्त हो गया है। सरकार के इस दावे के बाद छत्तीसगढ़ वासियों तथा बस्तर वासियों की तरफ से हम डबल इंजन की सरकार से सवाल पूछते है और मांग करते है कि1. बस्तर के विकास के लिए विशेष पैकेज कब देंगे?नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर संभाग के विकास को गति देने की बात बार बार गृह मंत्री कहते रहे है हमारी मांग है कि बस्तर संभाग के लिए 50 हजार करोड़ की विशेष सहायता दी जाय। हर पंचायत के लिए 1करोड़ दिया जाय।डबल इंजन की सरकार में बस्तर के विकास, बस्तर में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए केंद्र सरकार विशेष पैकेज की घोषणा कब करेगी?2. 10 बड़े बड़े वारदातो मे शामिल नक्सली समर्पण कर चुके है सरकार उनका पुनर्वास करने जा रही।

छोटी छोटी घटनाओ या नक्सल मदद गार के नाम पर जेल मे बंद 4000 से अधिक आदिवासियों की रिहाई कब होंगी सरकार बताये।3. सरकार गारंटी देगी बस्तरियों के मंशा के खिलाफ अडानी या अन्य उद्योगपतियों की बस्तर में इन्ट्री नहीं होगी?बस्तर के लोगों में यह डर है कि उनके संवैधानिक हकों पर आक्रमण होगा। उनके जल, जंगल, जमीन को किसी और को सौंप दिया जायेगा। मोदी के मित्र अडानी के लिए रेड कारपेट बिछाने भाजपा के नेता बार-बार बस्तर आते रहे है। अमित शाह इस बात की गारंटी देंगे की बस्तर के आदिवासियों तथा बस्तरियों के भावनाओं के विपरीत बस्तर में अडानी एवं अन्य उद्योगपतियों की एंट्री नहीं होगी?4. एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में लाया जाए।एनएमडीसी भारत की वह नवरत्न कंपनी है जो लौह अयस्क तो बस्तर से निकलती है और उसे दुनिया भर में भेजती है परंतु अपना मुख्य कार्यालय बस्तर की बजाए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बनाए बैठी है, पूर्व में बस्तर में यातायात के अभाव से यह निर्णय ठीक लगता था परंतु वर्तमान में बस्तर भी अब सर्वसुविधायुक्त बन चुका है एनएमडीसी को अपना मुख्यालय अब बस्तर में बनाना चाहिए ताकि बस्तर के बेरोजगार युवाओं के लिए एनएमडीसी में रोजगार का द्वार खुल सके।

अमित शाह बताये एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं आ रहा?5. नंदराज पहाड़ की लीज केन्द्र रद्द क्यों नहीं कर रहा?नंदराज पहाड़ से ग्रामीणों की आस्था जुड़ी हुई है वे उस पहाड़ को देवतुल्य मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं। बैलाडीला नन्दराज पहाड़ लौह अयस्क के दोहन हेतु रमन सरकार ने 2016-17 में अडानी को लीज पर दिया था। जिसके विरोध में क्षेत्र के ग्रामीणों ने लंबा संघर्ष किया। कांग्रेस की सरकार बनते ही राज्य सरकार अडानी को दी गयी लीज खारिज कर दिया परंतु आज दिनांक तक केन्द्र ने इसके लिए किसी प्रकार की नोटिफिकेशन जारी नही किया। अमित शाह बताये अडानी का हित बड़ा है या आदिवासियों की आस्था?6. नगरनार नहीं बिकेगा इसकी गारंटी देंगे?बस्तर का नगरनार स्टील प्लांट जो कि बस्तर वासियों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है जिसे केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार अपने उद्योगपति मित्र को फायदा पहुंचाने विनिवेश करना चाहती है। बस्तर विशेषकर लोगो की भावना से जुड़ा नगरनार संयंत्र बेचने की कार्यवाही कब बंद होगी? नगरनार नहीं बिकेगा इसकी गारंटी देंगे?1. बस्तर की तीन खदानों बैलाडीला 1ए, 1बी, 1सी को मित्तल समूह और कांकेर की हाहालद्दी खदान रूंगटा समूह को क्यों बेचा गया? अमित शाह इसका जवाब देंगे?2. मोदी सरकार ने 2006 के वन अधिकार अधिनियम में संशोधन क्यों किया?

जल, जंगल, जमीन के अधिकारों से स्थानीय आदिवासियों को वंचित करने और खनन माफिया अपने नीति पूंजीपति मित्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने 2006 के वन अधिकार अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों को मोदी सरकार ने शिथिल कर दिया है ?इसकी बहाली की जानी चाहिए7. आरक्षण विधेयक कब तक लंबित रहेगा?छत्तीसगढ़ की जनता के हित में भूपेश सरकार ने विधानसभा से आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करवा कर राजभवन भेजा था, इस विधेयक में सर्व समाज के लिये आरक्षण का प्रावधान है जिसमें आदिवासी समाज के लिये भी 32 प्रतिशत ओबीसी के लिय,े 27 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लिये, 13 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग के गरीबो के लिये 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।

अमित जवाब दे आदिवासियों का 32 प्रतिशत आरक्षण कब तक राजभवन में लंबित रहेगा? संवैधानिक रूप से राजभवन केन्द्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करता है। अमित शाह गृहमंत्री है। अमित शाह बताये आरक्षण संशोधन विधेयक पर कब तक हस्ताक्षर होगा? आदिवासी समाज को उसकी आबादी के अनुपात में उसका हक मिलने आप और भाजपा क्यों बाधा बनी हुई है? अब तो राज्य में डबल इंजन की सरकार है।8. दल्लीराजहरा जगदलपुर रेल लाइन क्यों शुरू नहीं हो रही?सन् 2017-18 में दल्लीराजहरा रेलमार्ग के निर्माण का उद्घाटन स्वयं देश के प्रधानमंत्री ने भानुप्रतापपुर से किया था और मंच से आश्वस्त किया था कि 2021 में यह बनकर तैयार हो जाएगा और इस रेलमार्ग में यात्री ट्रेनें सरपट दौड़ेगी परंतु आज दिनांक तक यह रेल लाइन का कार्य खत्म नहीं हुआ है जो कि बस्तर की जनता के साथ छलावा है। मोदी और अमित शाह बताये यह कब पूरा होगी?

Author: Sudha Bag

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