दिनांक – 06 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों ने अपनी लंबित नियुक्ति की मांग को लेकर आज एक अनूठा एवं शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश के 14 कैबिनेट मंत्रियों के समक्ष अभ्यर्थियों ने दंडवत प्रणाम करते हुए पूजा-अर्चना एवं आरती कर ईश्वर से प्रार्थना की कि शासन-प्रशासन को सद्बुद्धि प्राप्त हो तथा वर्षों से लंबित उनकी नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण किया जाए।
डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले 104 दिनों से अनिश्चितकालीन आमरण पर लंबे समय से 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही प्राप्त हुआ है। लगातार आंदोलन, धरना, आमरण अनशन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। बल्कि शासन प्रशासन द्वारा डीएड अभ्यर्थियों को शांति पूर्वक संवैधानिक रूप से आंदोलन करने पर झूठा केस दर्ज कर 3 बार सेंट्रल जेल भेजा जा चुका है उसके बाद भी डीएड अभ्यर्थियों का मनोबल नहीं टूटा है
इसी के चलते आज डीएड अभ्यर्थियों ने लोकतांत्रिक एवं अहिंसात्मक तरीके से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए दंडवत प्रणाम कर पूजा-पाठ का मार्ग अपनाया। अभ्यर्थियों ने कहा कि यह कदम किसी के प्रति विरोध नहीं बल्कि शासन को जागृत करने का एक प्रतीकात्मक प्रयास है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द ही उनकी नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई, तो वे आगे और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से पुनः निवेदन किया है कि वे उनकी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लें, ताकि हजारों परिवारों को राहत मिल सके।
“ हमारा संघर्ष न्याय के लिए है, और हम शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकार की मांग करते रहेंगे।”
