विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं होता, बल्कि यह दो परिवारों, दो संस्कृतियों और दो जीवन मूल्यों का पवित्र संगम होता है : जनपद अध्यक्ष संजय सिन्हा


जसीम कूरैशी कि रिपोर्ट
छुरिया : विकासखंड के ग्राम खोभा में आदिवासी पैंकरा कंवर समाज द्वारा आयोजित आदर्श विवाह में बतौर मुख्यातिथि के रूप में छुरिया जनपद पंचायत अध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा व अध्यक्षता श्रीमती बीरम रामकुमार मंडावी,विशेष अतिथि के रूप में देवदास साहू ग्राम पटेल,शिवनंदन सिन्हा समाजसेवी ,कुंदन बडोले, अशोक सेन समाजसेवी मौजूद रहे । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि आज बढ़ती मंहगाई के दौर में “आदर्श विवाह” जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बोलने का अवसर मिला है। विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं होता, बल्कि यह दो परिवारों, दो संस्कृतियों और दो जीवन मूल्यों का पवित्र संगम होता है। हमारे भारतीय समाज में विवाह को एक पवित्र संस्कार माना गया है। आदर्श विवाह का सबसे बड़ा उद्देश्य सादगी, समानता और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। आज के समय में विवाह समारोह बहुत खर्चीले होते जा रहे हैं। कई परिवार अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च करते हैं, कर्ज लेते हैं और कई बार इसी कारण जीवन भर परेशान रहते हैं। इसलिए हमें ऐसे विवाह की परंपरा को अपनाना चाहिए जिसमें दिखावा कम और संस्कार अधिक हों। श्रीमती बीरम मंडावी ने बताया कि आदर्श विवाह की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें दहेज प्रथा का पूर्ण रूप से विरोध किया जाता है। दहेज हमारे समाज की एक बहुत बड़ी बुराई है। जब तक हम सब मिलकर दहेज को “ना” नहीं कहेंगे, तब तक समाज में बराबरी नहीं आ सकती। एक सच्चा और आदर्श विवाह वही है जिसमें लड़की और लड़के दोनों को समान सम्मान मिले और विवाह प्रेम, विश्वास और समझदारी के आधार पर हो। आदर्श विवाह हमें यह भी सिखाता है कि विवाह समारोह सादगीपूर्ण और सामाजिक संदेश देने वाला होना चाहिए। कम खर्च में, सीमित मेहमानों के साथ, बिना किसी दिखावे के किया गया विवाह समाज के लिए प्रेरणा बनता है। इससे बचाया गया पैसा शिक्षा, समाज सेवा या जरूरतमंदों की मदद में लगाया जा सकता है। हमारे समाज में कई जगह सामूहिक विवाह भी आयोजित किए जाते हैं, जो आदर्श विवाह की एक अच्छी मिसाल हैं। इससे गरीब परिवारों को सहारा मिलता है और समाज में भाईचारा और सहयोग की भावना बढ़ती है। देवदास साहू ने कहा कि हम सच में एक अच्छे और मजबूत समाज का निर्माण करना चाहते हैं, तो हमें दहेज मुक्त, सादगीपूर्ण और संस्कारों से भरे आदर्श विवाह को अपनाना होगा। जब समाज के युवा आगे आकर यह संकल्प लेंगे कि वे बिना दहेज और सादगी से विवाह करेंगे, तभी हमारा समाज वास्तव में प्रगतिशील और आदर्श बनेगा। आइए हम सब मिलकर संकल्प लें कि दहेज प्रथा को खत्म करेंगे, सादगी को अपनाएंगे और आदर्श विवाह को बढ़ावा देंगे। इस अवसर दसरू राम कंवर,ग्राम समाज प्रमुख,छगन लाल कंवर,दीनदयाल कंवर,जितेंद्र कंवर, तारण लाल कंवर,गुलशन कंवर,ऋषि कंवर सहित समाज व ग्राम के बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे ।

Author: Sudha Bag

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