शाकंभरी महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, प्रकृति और सेवा भावना का प्रतीक है : बिसेसर पटेल


(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छुरिया : नगर पंचायत छुरिया में जिला कोसरिया मरार पटेल समाज द्वारा आयोजित शाकंभरी महोत्सव का आयोजन रानी सूर्यमुखी देवी शासकीय महाविद्यालय छुरिया के स्टेडियम में रखा गया था । उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप बिसेसर पटेल,अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग,सुरेश चंद्रवंशी अध्यक्ष कृषक कल्याण बोर्ड, छ.ग. शासन,संजय कुमार सिन्हा अध्यक्ष जनपद पंचायत छुरिया,अजय कुमार पटेल,अध्यक्ष नगर पंचायत, नैन सिंह पटेल अध्यक्ष जिला अध्यक्ष कोसरिया मरार पटेल समाज राजनांदगांव, सुरेंदर सिंह भाटिया पूर्व उपाध्यक्ष नगर पंचायत छुरिया,कांता प्रसाद साहू अध्यक्ष मंडल भाजपा छुरिया,श्रीमती राजकुमारी सिन्हा पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत छुरिया,चुम्मन साहू पूर्व जिला महामंत्री,राजकुमार सिन्हा मुख्यरूप से मौजूद रहे । कार्यक्रम का शुभारंभ मां शाकंभरी देवी माता जी के तैलचित्र पर पूजा अर्चना कर किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि आज हम सब यहाँ शाकंभरी महोत्सव के पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं। यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, प्रकृति और सेवा भावना का प्रतीक है, शाकंभरी माता का महत्व अन्न और वनस्पति की देवी माना जाता है।
ऐसा कहा जाता है कि जब धरती पर अकाल पड़ा, तब माता ने शाक-सब्जियों और फल-फूलों से मानव जीवन की रक्षा की।
इसी कारण उन्हें “अन्नपूर्णा स्वरूपा” भी कहा जाता है। कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि शाकंभरी माता हमें यह संदेश देती हैं कि प्रकृति ही हमारा जीवन है, प्रकृति का सम्मान ही सच्ची पूजा है। शाकंभरी महोत्सव हमें कई महत्वपूर्ण बातें सिखाता है, भक्ति और श्रद्धा का भाव आपसी भाईचारा और एकता पर्यावरण संरक्षण सेवा और परोपकार यह महोत्सव हमें जोड़ता है धर्म से, संस्कृति से और समाज से। आज के समय में जब हम पेड़ काट रहे हैं, जल को व्यर्थ बहा रहे हैं और प्रकृति को नुकसान पहुँचा रहे हैं । सिन्हा ने कहा कि शाकंभरी माता हमें चेतावनी देती हैं “प्रकृति बचाओ, भविष्य बचाओ।” सामाजिक एकता का प्रतीक शाकंभरी महोत्सव केवल पूजा तक सीमित नहीं है,यह हमें मिल-जुलकर रहने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर अमीर-गरीब, छोटा-बड़ा,जाति-धर्म का भेद मिट जाता है। सब एक साथ माता के चरणों में शीश झुकाते हैं। यही हमारी भारतीय संस्कृति की सुंदरता है। कार्यक्रम को अजय पटेल,चुम्मन साहू,राजकुमारी सिन्हा, नैनसिंह पटेल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर तुकेश पटेल,अध्यक्ष डोंगरगढ़ राज,लक्ष्मण पटेल घुमका राज,जीवन पटेल जिला उपाध्यक्ष,केशव पटेल हल्दीराज अध्यक्ष,भागवत पटेल,कन्हैया पटेल,दयालु राम पटेल,गौकरन पटेल,तीरथ, हेमू,दौलत, खिलावन,गजेंद्र,छत्रपाल,योगेश, कनस राम,प्रदीप, बीरु, देवासिंह,शीतल, किशन,योगी, कंवल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Author: Sudha Bag

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