(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छुरिया : छुरिया विकासखंड के ग्राम भर्रीटोला (ब) में दो दिवसीय छत्तीसगढ़ी लोककला महोत्सव का आयोजन किया गया था । इस आयोजन के समापन अवसर के बतौर मुख्यातिथि संजय कुमार सिन्हा अध्यक्ष जनपद पंचायत छुरिया व अध्यक्षता चंद्रिका प्रसाद डडसेना पूर्व उपाध्यक्ष, पलनी स्वामी नायडू,राधिका चंद्रवंशी,सोहन साहू,टीकम साहू मौजूद रहे । उक्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि आज हम सभी यहाँ छत्तीसगढ़ी लोककला महोत्सव के शुभ अवसर पर एकत्रित हुए हैं। यह महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान का उत्सव है। यह हमारी पावन धरती छत्तीसगढ़ की आत्मा को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ की लोककला में हमारे पूर्वजों की मेहनत, भावना और संस्कार छिपे हुए हैं। पंथी, राउत नाचा, करमा, सुआ जैसे लोकनृत्य हों या लोकगीत और पारंपरिक वाद्य यंत्र ये सभी हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। इन्हीं के माध्यम से हमारी संस्कृति पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती है। आज के इस आधुनिक युग में, जब लोग अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे में यह महोत्सव हमें अपनी परंपराओं से जोड़ने का कार्य करता है। यह हमारी नई पीढ़ी को बताता है कि हमारी लोककला ही हमारी असली पहचान है। इस आयोजन में पंथी, सुवा, करमा, ददरिया,नाचा,सांस्कृतिक कार्यक्रम अनेक छत्तीसगढ़ी विधा शामिल रहे । डडसेना ने बताया कि यह महोत्सव हमारे लोक कलाकारों के सम्मान और प्रोत्साहन का भी माध्यम है। जिन्होंने जीवनभर अपनी कला को जीवित रखा, उन्हें आज यहाँ सम्मान मिलना, हम सभी के लिए गर्व की बात है। ऐसे कलाकार हमारे समाज की सच्ची धरोहर हैं।
साथियों, छत्तीसगढ़ी लोककला केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, एकता और भाईचारे का प्रतीक है। यह हमें सिखाती है कि हम सब मिलकर अपनी विरासत को संभालें और आगे बढ़ाएँ। आज हम सभी संकल्प लें कि हम अपनी लोकसंस्कृति को बचाएँगे,
लोक कलाकारों का सम्मान करेंगे,
और आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखेंगे। “अपन संस्कृति, अपन पहचान
छत्तीसगढ़िया सबले महान । इस अवसर पर श्रीमति समे बाई बुधारू पड़ोती सरपंच, मानिक चंद्रवसी, रेवा राम लाड़ेकर, केदार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
