खेल बच्चों के व्यक्तित्व,अनुशासन और आत्मविश्वास को मजबूत बनाता है : संजय सिन्हा


(जसीम कुरैशी की रिपोर्ट)
छुरिया : छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत पांडेटोला में संकुल स्तरीय खेल का उद्घाटन और खोभा में समापन समारोह के मुख्यातिथि संजय कुमार सिन्हा अध्यक्ष जनपद पंचायत छुरिया,प्रकाश मोटघरे जनपद सदस्य,श्रीमती राधिका चंद्रवंशी जनपद सदस्य,नकुल नेताम, देवदास साहू मुख्यरूप से मौजूद रहे । श्री सिन्हा ने छत्तीसगढ़ महतारी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर और खेल ध्वज फहराकर शुभारंभ किया गया । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि संकुल स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाती है। विद्यालय स्तर के बाद संकुल स्तर पर बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा अवसर मिलता है। यह प्रतियोगिता न केवल खेल-कूद को बढ़ावा देती है बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, अनुशासन और आत्मविश्वास को भी मजबूत बनाती है। खेल से प्रतिभा पहचान का बड़ा मंच होता है,संकुल स्तर पर आयोजन होने से अधिक विद्यार्थियों को भाग लेने का मौका मिलता है। यहाँ बच्चे अपनी खेल प्रतिभा को बड़े मंच पर प्रदर्शित कर पाते हैं, जिससे आगे ब्लॉक, जिला या राज्य स्तर पर पहुँचने का रास्ता बनता है। खेल से
प्रतियोगी भावना का विकास होता है । इस स्तर की प्रतियोगिताएँ बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का भाव जगाती हैं। वे जीत-हार को समझते हैं और स्वयं को बेहतर बनाने की प्रेरणा पाते हैं।खेल से सामाजिकता और समन्वय भावना जागृत होता है । विभिन्न विद्यालयों के बच्चे एक स्थान पर जुटते हैं। इससे उनमें सामाजिक मेल-जोल, टीमवर्क और आपसी समन्वय के गुण विकसित होते हैं। शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार क्रीड़ा प्रतियोगिता बच्चों को सक्रिय, ऊर्जावान और फिट रखती है। नियमित खेलकूद से उनकी शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति, गति और संतुलन में सुधार होता है।
मानसिक विकास में सहायता
खेल बच्चों में एकाग्रता, निर्णय क्षमता, धैर्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को मजबूत करते हैं। संकुल स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता के मुख्य लाभ नेतृत्व क्षमता का निर्माण टीम गेम्स में भाग लेने से बच्चों में नेतृत्व, जिम्मेदारी और मार्गदर्शन की गुण विकसित होते हैं।अनुशासन और समय प्रबंधन
खेल नियमों का पालन सिखाते हैं। बच्चे समय पर अभ्यास करना, अपनी दिनचर्या संतुलित रखना व अनुशासन अपनाना सीखते हैं।
संकुल स्तर पर प्रदर्शन अच्छा होने पर बच्चों को आगे विभिन्न उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलता है । खेलकूद तनाव कम करने और मन को प्रसन्न रखने का एक बेहतरीन माध्यम है। इससे बच्चे मानसिक रूप से स्वस्थ बने रहते हैं।स्पोर्ट्समैनशिप, सहयोग, सहनशीलता, नियम-पालन और टीम भावना जैसे जीवन मूल्य बच्चों में प्राकृतिक रूप से विकसित होते हैं। संकुल स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास का महत्त्वपूर्ण साधन है। यह प्रतियोगिता भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करने के साथ-साथ बच्चों के जीवन कौशल और व्यक्तित्व को भी नई ऊँचाई देती है। इसलिए विद्यालयों में इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन अत्यंत आवश्यक और लाभकारी है । इस अवसर पर कीर्तन साहू सरपंच पांडेटोला, भीषम शोरी सरपंच बोईरडीह,चमेली ठाकुर सरपंच भोलापुर,टेकराम साहू सहित बड़ी संख्या में खेल खिलाड़ी और ग्रामीणजन मौजूद रहे ।

Author: Sudha Bag

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