पानी ही नही,विद्युत ऊर्जा की भी होगी बचत
&जसीम कूरैशी कि रिपोर्ट &
छुरिया : छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत आमगांव (छू.) मे कृषि विभाग द्वारा आयोजित फसल चक्र परिवर्तन कार्यक्रम में मुख्य रूप से जनपद पंचायत छुरिया अध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा व कृषि सभापति उत्तरा निषाद उपस्थित रहे । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि रबी फसल में धान के स्थान पर मक्का,अलसी,चना,गेंहू, मटर,मसूर, उड़द,सूर्यमुखी लगाने की सलाह देते हुए उन्होंने बताया कि धान के फसल में गर्मी के दिनों में एक किलो धान की उपज पैदा करने मे तीन हजार से चार हजार लीटर पानी की आवश्यकता होती है,जबकि हम लोग प्राय: बहुत अधिक एकड़ में धान लेते है इसीलिए पानी की बर्बादी भी उतनी अधिक होती है । इसीलिए फसल चक्र परिवर्तन कर पानी बचाने के साथ अपने अन्य उपज से अधिक रकम बचाया जा सकता है, वर्षा जल संचयन करना भी आवश्यक है,भूमिगत जलस्तर काफी नीचे जा रहा,ऐसा करने से बचा जा सकता है । परंपरा गत कृषि पर जोर देने के साथ ही रसायनिक खाद के उपयोग काम करने की बात कही है । कृषि के क्षेत्र मे अच्छा कार्य करने वाले प्रगतिशील कृषकों को सम्मानित भी किया गया ।उक्त कार्यक्रम को उत्तरा निषाद सभापति,एकांत चंद्राकर जनपद सदस्य ने भी संबोधित किया । इस अवसर पर जनपद सदस्य श्रीमती भान बाई मंडावी,रेखा गंधर्व, ऊभे राम मंडावी,पदम भूषण साहू, नैन सिंह पटेल,अशोक सेन,नरेश शुक्ला,हीरा राम नेताम,गोविंद साहू,कृषि विस्तार अधिकारी सहड़े,सुदेश पटेल,आर ई ओ साहू,कोठरी मैडम सहित किसान गण मौजूद रहे ।
