भाजपा ने लोकतंत्र की लूट की, चुनाव आयोग बना मौन दर्शक – कांग्रेस

रायपुर(Raipur)19.08.2025: भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहाँ लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जनता की आत्मा और विश्वास का प्रतीक है।

लेकिन भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत से लोकतंत्र की इस आत्मा पर हमला किया जा रहा है। जनता के वोट चोरी किए जा रहे हैं और चुनावी धांधली के ज़रिए लोकतंत्र पर कब्जा कर राज स्थापित किया जा रहा है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन आज यही लोकतंत्र भाजपा के हाथों बंधक बना हुआ है।वोट की तिजोरी भाजपा ने लूटी है और चुनाव आयोग चुपचाप ताला पकड़े खड़ा है।यह केवल धांधली नहीं, बल्कि लोकतंत्र की खुलेआम हत्या है।कांग्रेस पार्टी साफ शब्दों में कहना चाहती है कि वोट चोरी, धांधली और चुनावी हेरफेर लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात है।

हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक के सेंट्रल बेंगलुरु सहित कई सीटों पर हुए वोट चोरी के पैटर्न का खुलासा किया था। अब छत्तीसगढ़ से भी ऐसे ही गंभीर प्रमाण सामने आ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के तथ्य

2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच महज़ 4 प्रतिशत वोट का अंतर रहा।

90 में से करीब 5 सीटों पर भाजपा 5000 से भी कम वोटों से जीती।

1. कांकेर – 16 वोट

2. अंबिकापुर – 94 वोट

3. पत्थलगांव – 255 वोट

4. पाली-तनाखार – 714 वोट

5. भरतपुर-सोनहत – 4919 वोट

वही 10 सीट ऐसी हैं जहां भाजपा को 12000 से कम वोटो से जीत हासिल हुई

1 साजा (68) 5196 वोट

2 केशकाल (82) 5560 वोट

3 कुरूद (57) 8090 वोट

4 चित्रकूट (87) 8370 वोट

5 बिल्हा (29) 8957 वोट

6 बेमेतरा (69) 9134 वोट

7 प्रतापपुर (6) 11708 वोट

8 मुंगेली (27) 11781 वोट

9 मनेंद्रगढ़ (2) 11880 वोट

10 राजिम (54) 11911 वोट

इतने मामूली अंतर पर जीत, और वह भी फर्जीवाड़े के सहारे – यह लोकतंत्र की लूट से कम नहीं।

वोट चोरी के उदाहरणः-

1. रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत और परिवार – नाम रायपुर पश्चिम और उत्तर दोनों जगह दर्ज।

2. बसना विधायक संपत अग्रवाल और परिवार – नाम दो विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज।

3. कोरबा – स्थानांतरित हो चुके कलेक्टर और दीगर अधिकारियों और परिवारों के नाम अब भी सूची में।

4. रायपुर और राजनांदगांव – एक ही नाम-पते वाले मतदाता अलग-अलग वार्डों में।

5. बिलासपुर-रायपुर – मृत व्यक्तियों के नाम हटाए बिना मतदान।

6. महासमुंद-बलौद – बाहर से लाकर फर्जी मतदाता बनाए गए।

7. दुर्ग – वास्तविक मतदाताओं को बूथ से रोका गया, उनके नाम पर पहले ही फर्जी वोट डलवाए गए।

यह सब दर्शाता है कि एक सुनियोजित साजिश के तहत मतदाता सूची में हेरफेर कर लोकतांत्रिक जनादेश को प्रभावित किया गया।

कांग्रेस की मांगें :-

1. मतदाता सूची की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

2. जिन नेताओं का नाम एक से अधिक स्थानों पर पाया गया, उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हों।

3. संदेहास्पद नामों का घर-घर सत्यापन कराया जाए।

4. फर्जी वोट डलवाने में शामिल अधिकारियों और दलालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

5. चुनाव आयोग अपनी विश्वसनीयता बचाने के लिए तत्काल कदम उठाए।

छत्तीसगढ़ में हमारे द्वारा प्रारंभिक और कुछ विधानसभाओं पर केंद्रित जांच की गई है जिसमें यह गंभीर गड़बड़ियां प्राप्त हुई है, जिससे कि पति होता है कि छत्तीसगढ़ में भी वोट चोरी की गई है इसलिए कांग्रेस साफ चेतावनी देती है कि वोट चोरी और लोकतंत्र की हत्या की इस साजिश को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।।

“वोट चुराकर सत्ता पाने वालों को जनता कभी माफ़ नहीं करेगी। लोकतंत्र पर डाका डालने वाले भाजपा और उसके दलालों का पर्दाफाश हर स्तर पर होगा।“

राहुल गांधी जी ने जिस “वोट चोरी के पैटर्न“ को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया था, वह अब छत्तीसगढ़ में भी साफ दिखाई दे रहा है।कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है और लोकतंत्र की इस डकैती को रोकने के लिए सड़क से सदन तक निर्णायक संघर्ष करेगी।

Author: Sudha Bag

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