रायपुर। प्रदेश के सुरक्षा तंत्र में अहम भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के गनमैन अब अपनी समस्याओं और अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करने जा रहे हैं 17 अगस्त, रविवार को राजधानी रायपुर के प्रेस क्लब, मोतीबाग में छत्तीसगढ़ गनमेन प्रा. सि. गार्ड वेलफेयर सोसायटी एवं पूर्व सैनिक कल्याण संघ के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन का नेतृत्व संरक्षक, नायब सूबेदार मणि शंकर साहू (रिटायर्ड आर्मी) एवं नंदकिशोर डड़सेना – प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गनमैन प्रा.सि. गार्ड वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में सम्पत्र हुआ।
यह सम्मेलन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों गनमैन साथियों की आवाज को एक मंच पर लाने का संकल्प है। आयोजन में संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों और वर्तमान समय की प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। खासकर गनमैनों के वेतन, कार्य परिस्थितियां, सुरक्षा मानक, और सामाजिक सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को शासन-प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखने की योजना बनाई गई ।
सम्मेलन का उद्देश्य हक और अधिकार की लड़ाई को नई दिशा
आयोजकों का कहना है कि गनमैनों को अक्सर अपने अधिकारों से वंचित रहना पड़ता है और कई बार शोषण का शिकार होना पड़ता है। यह सम्मेलन इस शोषण के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने और अपने हक की मांग के लिए संगठित शक्ति का प्रदर्शन करने का अवसर है।
प्रदेशभर से जुटें प्रतिनिधि
इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से गनमैनों के प्रतिनिधि, संगठन के पदाधिकारी और वरिष्ठ सदस्य शामिल हुये बैठक में संगठन की आगामी रणनीति, अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी एवं प्रशासनिक पहल और सदस्यों के हित में चलाए जाने वाले कल्याणकारी कार्यक्रमों पर निर्णय लिया गया साथ सोसायटी के द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन कर कल्याणकारी एवं सामाजिक कल्याण हेतु प्रतिबद्ध होकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया जिसमें संरक्षक, अध्यक्ष द्वारा प्रेस को बताया गया कि किस प्रकार देश और प्रदेश में गनमैन गार्ड शोषण का शिकार हो रहे हैं सिक्युरिटी एजेंसियों का राष्ट्रव्यापी संगठन है परंतु सिक्युरिटी पर तैनात गनमैन गार्ड असंगठित होने की वजह से शोषण का शिकार हो रहे हैं वेतन विसंगति केंद्र एवं राज्य का मानक दर प्राप्त न होना भविष्य निधि, मेडिकल, बीमा, आपातकालीन छुट्टियां ऐसे एजेंसियों के विरूद्ध साथ ही गनमैन, सुरक्षा गार्डों से भर्ती शुल्क एवं वर्दी शुल्क के नाम पर मोटे रकम की उगाही किया जाता है, एवं हर माह गनमैन गार्डों से उनके वेतन से पैसों की मांग किया जाता है
आगे अध्यक्ष के द्वारा मीडिया को बताया गया गनमैन गार्ड असंगठित होने के कारण अपने होने वाले शोषण के विरुद्ध कुछ नहीं कर पाते है। जिन मजबूरियों का फायदा सिक्योरिटी एजेंसियों के द्वारा मनमाने ढंग से उठाया जाता है। लेबर एक्ट के तहत ऐसे सिक्योरिटी एजेंसियों के विरूद्ध एजेंसी लायसेंस निरस्त करने का प्रावधान है। शासन प्रशासन को पूर्व में नंदकिशोर डड़सेना के द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, प्रदेश मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौपा गया था जिसमें 28 प्रमुख बिंदुवार समस्याओं एवं निदान संबंधी कंडिका का मांग रखा गया था जिसमें प्रमुख रूप से सिक्योरिटी मॉनिटरिंग कमेटी सिक्योरिटी पोर्टल समान वेतनमान सभी गनमैन गार्ड का एक समान वर्दी पीएफ ईएसआईसी बीमा सुरक्षा एवं राज्य के गनमैनो गार्ड को प्रथम प्राथमिकता एवं सुरक्षा प्रहरी योजना के तहत पुत्री विवाह संतानों को सैनिक स्कूल एवं उच्च शिक्षा हेतु पैकेज का प्रावधान सरकार के द्वारा सुनिश्चित किया जाना एवं छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में नियमों को ताक में रखकर धड़ल्ले से शस्त्र लाइसेंस जारी हो रहे हैं उसे पर रोक लगाया जाए ऐसे बिंदुओं पर ज्ञापन सौंपा गया था।
आयोजन में प्रमुख रूप से सम्मिलित संरक्षक एवं सदस्यों मे विजय प्रकाश गुप्ता, श्रीमान संतोष शर्मा, शेख नईम खान उपाध्यक्ष दिनेश कुमार टंडन, चोलामगन कौशिक, रूपेश साहू, सुरेन्द्र जायसवाल, गोविंदा साहू, विकास यादव, घासीराम साहू, लवन साहू, भूपेन्द्र साहू, रेवतराम साहू, नागेश साहू, शेषनारायण सिंह चौहान आदि की उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
