➡️ मामला खसरा नं 407 का क्या राजनीतिक संरक्षण प्रदान है?
&जसीम कूरैशी कि रिपोर्ट&
छुरिया नगर पंचायत में अतिक्रमणकारी के हौसले इतने बुलंद है कि वह तहसीलदार के चेतावनी को भी नजर अंदाज कर रहे हैं। शिकायतकर्ता जसीम कुरैशी के आवेदन पर छुरिया तहसीलदार ने राजकुमार बर्वे को हिदायत दी थी कि खसरा नं 407 पर निर्माण कार्य निषेध किया गया था लेकिन तहसीलदार के बातों को अनसुना करते हुए प्राप्त जानकारी अनुसार?वह निर्माण कुछ समय बाद फिर जारी है इससे साफ जाहिर होता है।
बेजा कब्जा धारियों को ना कानून का डर है ना लोगों के आक्रोश का बस वे अपनी मनमानी किए जा रहे हैं।
अनावेदक जसीम कुरैशी ने बताया कि नगर पंचायत छुरिया, पहन. 20, रानिम. छुरिया, जिला राजनांदगांव (छ.ग.) में स्थित छोटे झाड़ के जंगल भूमि ख.न. 407 में सरकारी कुआ है एवं शासकीय मद की घास भूमि पर अनावेदक द्वारा अवैध कब्ज़ा कर लिया गया है। ग्राम छुरियाकला की सरकारी कुआ स्थित उक्त भूमि छोटे झाड़ के जंगल एवं घास मद की भूमि है जिस पर अनावेदक द्वारा अवैधानिक कब्ज़ा कर मकान का निर्माण किया जा रहा है जो कि विधि विरुद्ध व अनुचित है। अनावेदक द्वारा छोटे झाड के जंगल ख.न.407 की भूमि व शासकीय मद की घास भूमि पर किये गए अवैध कब्ज़ा से शासन को लाखो रूपये की नुकसान हो रहा है जिसकी पूर्ति हेतु अनावेदक को अवैध रूप से काबिज भूमि पर से बेदखल किया जाना न्यायहित में न्यायोचित एवं आवश्यक है । अनावेदक द्वारा उक्त शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्ज़ा कर मकान निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है जिस पर तत्काल रोक लगाया जाना न्यायहित में न्यायोचित एक आवश्यक है आवेदन पत्र के समर्थन में हल्का पटवारी द्वारा प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन की सत्य प्रतिलिपि आवेदन पत्र के साथ संलग्न है। उन्होंने अनावेदक द्वारा छोटे झाड के जंगल ख.न.407 की भूमि व शासकीय मद की घास भूमि पर किये जा रहे मकान निर्माण को तत्काल रोके जाने एवं बेदखल किये जाने की मांग पूर्व से किया गया है परन्तु किसके संरक्षण से आज पुनः निर्माण कार्य प्रारंभ किये जाने की ख़बर है इससे यहां प्रतित होता है अवैध कब्जा धारी को किसी ना किसी का संरक्षण प्राप्त है जो कि तहसील दार के कार्य निषेध के आदेश को अनदेखा कर पुनः कार्य प्रारंभ कर रहे हैं जिससे शासन प्रशासन की फजीहत हो रही है आखिर वो कौन है जो सत्ता सरकार को बदनामी करने पर उतारू हो चुका है तहसीलदार से संपर्क किया गया लेकिन संपर्क नहीं हों पाया अब देखने वाली बात यहां अवैध कब्जा धारी को संरक्षण देने वाले की मनसा आखिर सत्ता सरकार को बदनाम करने की क्यों है और आगे क्या कार्रवाई होती हैं देखने वालीं बात है?
